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Khandwa News: गौशाला का क्षेत्रफल करीब 16 एकड़ का है. इसका निर्माण साल 1925 में हुआ था. 2025 में इसने अपने 100 साल पूरे किए. यह खंडवा की सबसे पुरानी और महत्वपूर्ण गौशालाओं में से एक है.
खंडवा. मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में एक ऐसी अनोखी गौशाला है, जो इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है. यहां गायों को सिर्फ पारंपरिक चारा नहीं बल्कि मौसम के अनुसार खास आहार दिया जाता है. हम बात कर रहे हैं खंडवा शहर की श्री गणेश गौशाला की, जहां 500 से ज्यादा गायों की देखभाल की जा रही है. इस गौशाला की सबसे खास बात यह है कि गर्मी के मौसम में गायों को तरबूज खिलाया जाता है. रोजाना सैकड़ों किलो तरबूज गायों के आहार में शामिल किया जाता है. यह नजारा देखने वाले लोग भी हैरान रह जाते हैं.
लोकल 18 से बातचीत में गौशाला के सचिव रामचंद्र मौर्य ने कहा कि तरबूज गायों के लिए गर्मी में बेहद फायदेमंद होता है. इसमें भरपूर मात्रा में पानी, ग्लूकोज, विटामिन और अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं. इससे गायों को ठंडक मिलती है, शरीर में पानी की कमी नहीं होती और वे स्वस्थ रहती हैं. तरबूज खिलाने से गायों का पाचन तंत्र भी बेहतर रहता है. गर्मी के मौसम में जब जानवरों को चारा पचाने में परेशानी होती है, तब यह फल उनके लिए आसान और लाभकारी आहार बन जाता है.
कई तरीकों से पहुंचता है तरबूज
गौशाला तक तरबूज कई तरीकों से पहुंचते हैं. कभी इन्हें सब्जी मंडी से कम दाम में खरीदा जाता है, तो कई बार किसान और व्यापारी दान में दे जाते हैं. इसके अलावा आम लोग भी गौ सेवा के लिए आगे आकर फल और चारा उपलब्ध कराते हैं. श्री गणेश गौशाला की क्षमता करीब 230 गायों की है लेकिन वर्तमान में यहां 500 से ज्यादा गायों की देखभाल की जा रही है. इससे साफ है कि यहां गायों की सेवा बड़े स्तर पर की जा रही है.
100 साल पुरानी है गौशाला
यह गौशाला करीब 16 एकड़ जमीन पर बनी हुई है. इसका निर्माण वर्ष 1925 में हुआ था और 2025 में इसने अपने 100 साल पूरे किए हैं. यह खंडवा की सबसे पुरानी और महत्वपूर्ण गौशालाओं में से एक मानी जाती है. गौशाला प्रबंधन का कहना है कि भविष्य में इसे और बड़ा करने की योजना बनाई जा रही है. यदि विस्तार होता है, तो यहां करीब 2000 गायों के रहने की व्यवस्था की जाएगी.
निराश्रित गायों को शिफ्ट करने की मांग
प्रबंधन ने प्रशासन से मांग की है कि शहर में घूम रहीं निराश्रित गायों को यहां शिफ्ट किया जाए. इससे जहां एक ओर गायों को सुरक्षित जगह मिलेगी, वहीं दूसरी ओर सड़क पर होने वाली परेशानियों से लोगों को राहत मिलेगी.
खंडवा की यह गौशाला अपनी अनोखी पहल के कारण अलग पहचान बना रही है. गर्मी में गायों को तरबूज खिलाने जैसी पहल न सिर्फ उनकी सेहत का ख्याल रखती है बल्कि गौ सेवा का एक नया उदाहरण भी पेश करती है.
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राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.