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Success Story: खंडवा के युवा किसान ने साबित कर दिया कि अगर सोच नई हो और मेहनत सही दिशा में की जाए तो खेती में भी बड़ा बदलाव और अच्छी कमाई संभव है. 4 एकड़ से शुरू हुई यह यात्रा आज 27 एकड़ तक पहुंचकर सफलता की मिसाल बन चुकी है.
Khandwa News: आजकल किसानों खासकर युवा किसानों को यू-ट्यूब देखकर आइडिया आता है, लेकिन मध्य प्रदेश में खंडवा जिले के एक युवा किसान को मैगजीन पढ़ते-पढ़ते गजब आइडिया आया. इस आइडिया ने किसान की दशा-दिशा बदल दी. अहमदपुर खेगांव के किसान राजेश रांडवा ने एक मैगजीन से प्रेरणा लेकर साल 2014-15 में पारंपरिक खेती छोड़ दी. उन्होंने बागवानी (हॉर्टिकल्चर) अपनाने का फैसला लिया. उस समय यह फैसला जोखिम भरा था, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी.
राजेश पहले गेहूं, सोयाबीन और प्याज जैसी पारंपरिक फसलें उगाते थे. लेकिन कम मुनाफा और ज्यादा लागत को देखते हुए उन्होंने कुछ नया करने की सोची. इसके बाद उन्होंने फलों की खेती की ओर कदम बढ़ाया. राजेश रांडवा ने बागवानी की शुरुआत सिर्फ 4 एकड़ जमीन से की थी. शुरुआत में सफलता मिलने के बाद उन्होंने धीरे-धीरे अपने बागान का विस्तार किया. आज उनके पास 25 से 27 एकड़ में संतरा, मौसंबी और पपीता के बड़े-बड़े बागान हैं.
अनार से शुरुआत, फिर बदली रणनीति
Local 18 से बातचीत में राजेश ने बताया, शुरुआत में उन्होंने अनार की खेती की, लेकिन वह ज्यादा सफल नहीं रही. इसके बाद उन्होंने हॉर्टिकल्चर विभाग के अधिकारियों से सलाह ली. सलाह के अनुसार, उन्होंने सिट्रस फलों (संतरा, मौसंबी) की खेती शुरू की, जो उनके लिए फायदेमंद साबित हुई. आज राजेश रांडवा बागवानी से सालाना लाखों की कमाई कर रहे हैं. एक एकड़ में करीब 3 से 3.5 लाख रुपए तक का उत्पादन मिलता है. खर्च निकालने के बाद भी उन्हें अच्छा मुनाफा होता है.
ड्रिप इरिगेशन से बढ़ी पैदावार
राजेश ने आधुनिक तकनीकों का भी उपयोग किया, जैसे ड्रिप इरिगेशन. इससे पानी और खाद दोनों की बचत होती है और पौधों को सही मात्रा में पोषण मिलता है. इस तकनीक ने उनकी खेती को और सफल बना दिया. राजेश बताते हैं कि बागवानी में शुरुआती 4 साल तक पौधे बड़े होते हैं. इस दौरान किसान बीच में दूसरी फसल लेकर भी आय जारी रख सकता है. इससे किसान को लगातार कमाई मिलती रहती है.
पूरे क्षेत्र के किसानों के लिए बने प्रेरणा
आज उनके बागान को देखने के लिए आसपास के किसान आते हैं. वे उनसे सलाह लेते हैं और खुद भी बागवानी की ओर बढ़ रहे हैं. राजेश अब क्षेत्र में एक प्रेरणादायक किसान के रूप में पहचाने जाते हैं. राजेश और उनका परिवार मानता है कि खेती अंदाजे से नहीं, बल्कि तकनीक और ज्ञान से करनी चाहिए. अगर सही तरीके से बागवानी की जाए, तो यह पारंपरिक खेती से ज्यादा मुनाफा देती है.
किसानों को खास संदेश
राजेश रांडवा किसानों से कहते हैं कि वे नई तकनीक और बागवानी की ओर कदम बढ़ाएं. छोटे किसान सब्जी और फल की खेती शुरू करें, ताकि उनकी आय बढ़ सके.वे जरूरत पड़ने पर अन्य किसानों को मुफ्त में मार्गदर्शन भी देते हैं. खंडवा के इस किसान ने साबित कर दिया कि अगर सोच नई हो और मेहनत सही दिशा में की जाए तो खेती में भी बड़ा बदलाव और अच्छी कमाई संभव है.
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एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें