छतरपुर जिले के नौगांव थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति के खाते से नशा देकर करीब 2 लाख रुपए निकाल लिए गए। यह राशि प्रधानमंत्री आवास योजना और दिव्यांग पेंशन की उनकी जमा पूंजी थी। पीड़ित रवि चतुर्वेदी पिछले सात दिनों से न्याय की मांग को लेकर नौगांव थाने के बाहर एक बेंच पर बैठे हैं। उत्तर प्रदेश के महोबा जिले के बेलाताल क्षेत्र के भोजपुर निवासी रवि चतुर्वेदी ने बताया कि चार से पांच लोगों ने उन्हें रिश्तेदारी का झांसा दिया। वे उन्हें नैगुवां ले गए, जहां उन्हें नशा दिया गया। इसी दौरान उनके बैंक खाते से लगभग डेढ़ से दो लाख रुपए निकाल लिए गए। रवि के अनुसार, यह रकम उनकी प्रधानमंत्री आवास योजना और दिव्यांग पेंशन की पूरी जमा पूंजी थी। होश आने पर जब उन्होंने बैंक जाकर अपना खाता चेक किया, तो पता चला कि खाते का बैलेंस शून्य हो चुका है। थाने के बाहर एक बेंच पर ही डेरा डाला
घटना के बाद से रवि चतुर्वेदी नौगांव थाने के बाहर एक बेंच पर ही डेरा डाले हुए हैं। वे दिन-रात वहीं बैठते हैं, उसी बेंच पर सोते हैं और आसपास के लोगों से खाना मांगकर गुजारा कर रहे हैं। रवि ने आरोप लगाया है कि इस वारदात में जय सिंह राजपूत, छत्तू दीक्षित, कल्लू कुशवाहा और अशोक राजपूत शामिल हैं। उनका यह भी आरोप है कि पुलिस आरोपियों को थाने लाकर समझौते का दबाव बनाती है और फिर उन्हें छोड़ देती है। रवि के मुताबिक, पुलिस ने पहले 20-25 हजार और बाद में 2-4 हजार रुपए देने की बात कही, जिसे उन्होंने ठुकरा दिया। रवि का कहना है, “मुझे खर्च के लिए नहीं, मेरा पूरा पैसा चाहिए। जब तक पैसा वापस नहीं मिलेगा, मैं यहां से नहीं हटूंगा।” पुलिस की भूमिका पर सवाल
पीड़ित का आरोप है कि उन्हें बार-बार आश्वासन देकर टाल दिया जाता है और कभी-कभी डराया-धमकाया भी जाता है। इस पूरे मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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