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Jabalpur News: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने नर्सिंग फर्स्ट ईयर 2022-23 के 30 हजार छात्रों का रिजल्ट जारी करने पर रोक लगाई. कोर्ट ने नर्सिंग काउंसिल से कॉलेजों की पात्रता और छात्रों की डिटेल्ड जानकारी मांगी है और अगली सुनवाई 24 अप्रैल को होगी.
MP Nursing Council: जबलपुर से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां मध्य प्रदेश नर्सिंग काउंसिल को हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है. मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने नर्सिंग फर्स्ट ईयर 2022-23 बैच के करीब 30 हजार छात्रों का रिजल्ट जारी करने पर फिलहाल रोक लगा दी है. हाईकोर्ट ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए नर्सिंग काउंसिल से जवाब मांगा है. कोर्ट ने पूछा है कि जिन छात्रों का रिजल्ट जारी होना है, वे किन कॉलेजों से जुड़े हैं और क्या ये कॉलेज केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो की जांच में पात्र पाए गए हैं या अपात्र हैं.
कोर्ट ने यह भी सवाल उठाया है कि अगर कुछ कॉलेज अपात्र पाए गए हैं, तो वहां पढ़ने वाले छात्रों के लिए क्या कदम उठाए गए. विशेष रूप से यह पूछा गया है कि क्या ऐसे छात्रों को पात्र कॉलेजों में शिफ्ट किया गया है या नहीं और अगर किया गया है तो उसकी पूरी प्रक्रिया क्या रही.
HC का नर्सिंग काउंसिल को निर्देश
हाईकोर्ट ने नर्सिंग काउंसिल को निर्देश दिया है कि वह सभी छात्रों की जानकारी पेश करे, जिसमें उनके कॉलेज, पात्रता स्थिति और शिफ्टिंग से जुड़ी पूरी जानकारी शामिल हो. कोर्ट का मानना है कि बिना पूरी जांच और पारदर्शिता के रिजल्ट जारी करना छात्रों के भविष्य के साथ अन्याय हो सकता है. इस मामले की अगली सुनवाई 24 अप्रैल को तय की गई है, जहां काउंसिल को अपना पक्ष विस्तार से रखना होगा. इस फैसले से 30 हजार से अधिक छात्रों का भविष्य फिलहाल अधर में लटक गया है.
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Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re…और पढ़ें