नई दिल्ली. जब ऋषभ पंत का शॉट बाउंड्री की ओर जा रहा था और रस्सी पार करने से पहले ही बाउंड्री के बाहर खड़े नॉन‑प्लेइंग खिलाड़ी आवेश खान ने बैट से गेंद को वापस मैदान के अंदर मार दिया. नियम के हिसाब से गेंद बाउंड्री पार नहीं हुई थी और वहाँ कोई फील्डर भी नहीं था, इसलिए अंपायर ने चौका या पेनल्टी रन नहीं दिए; लॉ 41 (अनफेयर प्ले) और बॉल डैमेजिंग के तहत भी इसे तकनीकी रूप से गलत नहीं माना गया. लेकिन सनराइजर्स हैदराबाद ने बीसीसीआई को लिखित शिकायत की, यह कहते हुए कि यह खेल भावना के खिलाफ खेल का मज़ाक जैसा है और उनके साथ बेइज़्जती जैसा महसूस हुआ. विशेषज्ञों ने सवाल उठाया कि आवेश बैट लेकर बाउंड्री के इतने पास क्यों थे; अगर कोई फील्डर डाइव लगाता और बैट उससे टकरा जाता तो गंभीर चोट हो सकती थी इसलिए इसे नियम से अधिक सुरक्षा और स्पिरिट के लिहाज़ से गलत बताया गया, भले ही औपचारिक पेनल्टी की गुंजाइश कम मानी गई. इसीलिए बीसीसीआई ने आनन फानन में नियम बदलने पर कार्यवाई की.