ग्वालियर-चंबल अंचल में रेत माफिया के बढ़ते आतंक ने एक बार फिर खूनी वारदात को जन्म दिया है। मुरैना में वनकर्मी की नृशंस हत्या के बाद प्रदेश की सियासत गरमा गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह ने इस घटना को लेकर सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर सीधे और बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं।
गोविंद सिंह ने मीडिया से बातचीत करते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि चंबल नदी और सिंध नदी अब रेत माफिया की भेंट चढ़ चुकी हैं। उन्होंने मुरैना की घटना पर गहरा दुख जताते हुए दावा किया कि जिस ट्रैक्टर से वनकर्मी को कुचला गया, वह बीजेपी नेताओं का था। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में अवैध खनन ने नदियों को पूरी तरह छलनी कर दिया है और अब वहां रेत भी नहीं बची है। डॉ. सिंह के मुताबिक, सत्ताधारी दल के संरक्षण में अवैध उत्खनन का काम खुलेआम चल रहा है। गोविंद सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा है कि वन कर्मी की हत्या में इस्तेमाल ट्रैक्टर बीजेपी नेताओं के थे,अवैध खनन को सत्ताधारी दल का संरक्षण हैं। पिछले 10 सालों में 19 हत्याएं अवैध उत्खनन से जुड़ी हैं। इसके साथ थी डॉक्टर गोविंद सिंह ने भाजपा विधायक अमित शर्मा और उनके परिवार पर निशान साधते हुए कहा कि अवैध खनन में लगे ट्रैक्टर “पापा जी” के नाम से संचालित हो रहे हैं, जो विधायक के पिता हैं। डॉ. सिंह ने चेतावनी दी कि अगर इसी तरह अवैध खनन जारी रहा, तो भिंड जिले में सिंध नदी का अस्तित्व ही खत्म हो सकता है गोविंद सिंह ने ऐलान किया कि वे जल्द चंबल और सिंध नदियों की परिक्रमा करेंगे, ताकि अवैध उत्खनन के खिलाफ जनजागरण और दबाव बनाया जा सके।
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