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Jabalpur News: वर्तमान में वह भारत के अलग-अलग राज्यों में 10 हजार से ज्यादा रेस्टोरेंट्स को अपनी सप्लाई दे रहे हैं. उन्होंने केवल दो साल के सफर में जो मुकाम हासिल किया है, वह युवाओं के लिए मिसाल है.
जबलपुर. कहते हैं अगर इरादे नेक हों और मेहनत में दम हो, तो कामयाबी कदम चूमती है. मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के एक युवक ने इसे सच कर दिखाया है. एक प्रोफेशनल ‘टी टेस्टर’ की सुरक्षित नौकरी छोड़कर रत्नेश सुरौठिया ने स्टार्टअप शुरू किया और आज वह न केवल देश के 10000 रेस्टोरेंट्स को सप्लाई दे रहे हैं बल्कि सात समंदर पार कनाडा तक अपना माल भेज रहे हैं. रत्नेश सुरौठिया ने लोकल 18 को बताया कि उन्होंने एक स्टार्टअप शुरू किया है. अपनी स्किल्स को धार देने के लिए दार्जिलिंग के प्रतिष्ठित NITM से टी टेस्टिंग का कोर्स किया. करीब दो साल पहले रश्मि उपाध्याय के साथ मिलकर ‘आरिन अरोमा ब्लेंड’ की शुरुआत की. आज यह स्टार्टअप नरसिंहपुर के गुड़ और हरदा के फलों को लेकर एक नया ग्लोबल ब्रांड बना चुका है.
रत्नेश के बिजनेस मॉडल की सबसे बड़ी खासियत है सीधे किसानों से जुड़ाव. वह बताते हैं, ‘हम नरसिंहपुर और गोटेगांव के करीब 40 किसानों से सीधे गुड़ खरीदते हैं. इसे हम अलग-अलग 7 फ्लेवर की चाय में ब्लेंड करते हैं. इसके अलावा हरदा के किसानों से आम और जामुन सहित इलायची, गन्ने सहित अन्य का पाउडर बनाते हैं, जिसका इस्तेमाल फिर जूस के रूप में होता है. इस पाउडर को फुटकर और थोक में बेचते हैं. खास बात यह है कि यह जूस 24 महीने इस्तेमाल किए जा सकते हैं.’
विदेशी बाजार में भी जमाई धाक
सिर्फ भारत ही नहीं रत्नेश का स्टार्टअप अब धीरे-धीरे इंटरनेशनल हो रहा है. पिछले महीने ही उन्होंने कनाडा को 1200 किलो से ज्यादा प्रोडक्ट एक्सपोर्ट किए हैं. वर्तमान में वह भारत के विभिन्न राज्यों में 10000 से ज्यादा रेस्टोरेंट्स को अपनी सप्लाई दे रहे हैं. रत्नेश सुरौठिया ने मात्र दो साल के सफर में जो मुकाम हासिल किया है, वह युवाओं के लिए मिसाल है. भोपाल के भदभदा क्षेत्र में 4500 स्क्वायर फीट की फैक्ट्री चलाने वाले रत्नेश बताते हैं कि उनका स्टार्टअप सालाना 25 से 30 लाख रुपये का मुनाफा कमा रहा है.
लोकल प्रोडक्ट को दिला रहे ग्लोबल पहचान
उन्होंने बताया कि वह 7 फ्लेवर वाली गुड़ की चाय, शुगर केन पाउडर, जामुन और अमरूद का जूस बेचते हैं, जिससे 40 किसान और 10000 से ज्यादा रेस्टोरेंट्स को फायदा मिलता है. न सिर्फ मध्य प्रदेश बल्कि भारत के कई राज्यों सहित कनाडा में पाउडर को सेल करते हैं. उन्होंने बताया कि स्टार्टअप शुरू करने के दौरान 25 लाख रुपये का अनुदान भी सरकार की तरफ से मिला था. बहरहाल मध्य प्रदेश के किसानों के उत्पादों को आधुनिकता का तड़का लगाकर रत्नेश ने साबित कर दिया है कि ‘लोकल’ को ‘ग्लोबल’ बनाना अब नामुमकिन नहीं है.
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राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.