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Farmer Success Story: खाली खेत का सद्उपयोग कोई शिवपुरी के इस किसान से सीखे. खरबूज की हाईटेक खेती से किसान ने 80 दिन में लाखों की कमाई कर डाली. अब हर साल वो इसी विधि से इसी सीजन में कमाई कर रहे हैं. जानें तरीका…
Shivpuri News: शिवपुरी जिले के पिछोर क्षेत्र में एक किसान ने गर्मी के सीजन में खाली पड़े खेत का सही इस्तेमाल किया और उसे कमाई का जरिया बना दिया. दो दोस्तों की सलाह पर मल्चिंग और ड्रिप तकनीक से तरबूज की हाईटेक खेती शुरू की. 70 से 80 दिन में लाखों की आमदनी हो चुकी है. यह खेती दूसरे किसानों के लिए प्रेरणा बन चुकी है.
गर्मी के सीजन में जहां पिछोर के ज्यादातर खेत खाली पड़े रहते हैं, वहीं इस किसान ने हाईटेक खेती का तरीका अपनाकर इन्हीं खेतों को कमाई का बड़ा जरिया बना दिया. किसान राजेंद्र चौहान ने बताया, पहले वह परंपरागत खेती करते थे, लेकिन आमदनी सीमित थी. दो दोस्तों की सलाह पर उन्होंने तरबूज की खेती मल्चिंग शीट और ड्रिप सिस्टम के साथ शुरू की. खेती की तस्वीर ही बदल गई.
पहली बार में खर्च, फिर हर बार आराम
किसान ने लोकल 18 को बताया कि तरबूज की यह फसल 70-80 दिन में तैयार हो जाती है. पहली बार इस खेती में करीब 50000 रुपये का खर्च आता है, क्योंकि ड्रिप लाइन, मोटर और मल्चिंग बिछाने का खर्च शामिल होता है. लेकिन, दूसरी बार यही खेती करने पर इन चीजों का खर्च बच जाता है, जिससे लागत काफी कम हो जाती है और मुनाफा बढ़ जाता है. किसान ने बताया कि इस बार उन्होंने करीब 35 हजार रुपये प्रति बीघा खर्च किया, क्योंकि ड्रिप और अन्य संसाधन पहले से उपलब्ध थे. फसल की बढ़वार अच्छी हुई और बाजार में तरबूज की मांग अधिक होने से उन्हें अच्छा दाम मिला. यह खेती अब उनके लिए जरूरत नहीं, बल्कि एक व्यापार बन चुकी है.
हाईटेक किसान ने की मदद
इस खेती के लिए उन्हें उनके छोटे भाई छत्रपाल सिंह परमार ने प्रेरित किया. साथ ही लुकवासा निवासी हाईटेक किसान राजकुमार रघुवंशी से मार्गदर्शन मिला, जिनके पॉलीहाउस से उन्होंने पौधे तैयार कराए. राजकुमार रघुवंशी इस क्षेत्र में पहले से हाईटेक खेती कर रहे हैं और उन्हें देखकर अब कई किसान इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं. किसान का कहना है कि आज के समय में परंपरागत खेती से बढ़ती जरूरतें पूरी करना मुश्किल है. अगर किसान अपनी आमदनी बढ़ाना चाहते हैं तो उन्हें नई तकनीक के साथ खेती करनी होगी. मल्चिंग और ड्रिप से पानी की बचत होती है, खरपतवार कम उगता है और फसल की गुणवत्ता भी बेहतर होती है.
रोजगार भी बढ़ा
सबसे खास बात ये कि इस खेती से गांव के करीब एक दर्जन लोगों को रोजगार भी मिल रहा है. खेत में पौध रोपाई से लेकर तुड़ाई और पैकिंग तक काम के अवसर बढ़े हैं. किसान का मानना है कि अगर सही तरीके से योजना बनाकर हाईटेक खेती की जाए तो 2 से ढाई महीने में लागत दोगुनी करना संभव है.
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एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें