सोमवार को गुना जिले के बामौरी विधानसभा क्षेत्र में बीजेपी प्रत्याशी का प्रचार करने पहुंचे शिवराज ने बिना कांग्रेस का नाम लिए पूछा कि क्या कभी गरीबों को देखा है, भूख देखी है, धूल देखी है, बीमारी देखी है, कीचड़ देखा है, तुम क्या गरीबों का दर्द जानो. उन्होंने कहा कि हमें नंगे-भूखे ही रहने दो, हम भूखे-नंगे हैं इसलिए सहरिया बहनों के खाते में एक हजार रुपए डलवाते हैं. हम जाति के बच्चों की फीस भरवाते हैं ताकि वो आगे बढ़ सकें.
‘हम नंगे-भूखे हैं, इसलिए गरीबों और कमजोरों का दर्द जानता हूं’
उन्होंने कहा कि हम भूखे-नंगे हैं इसलिए संबल योजना मामा ने बनवाई और तय किया कि गरीब बहन बेटा-बेटी को जन्म देगी तो जन्म देने के पहले उसे चार हजार और बाद में 12 हजार रुपए देंगे. उन्होंने कहा कि उद्योगपति कमलनाथ तुमने तो बच्चों की फीस छीन ली, बहनों के पैसे छीन लिए, हम नंगे-भूखे हैं इसलिए बेटियों का कन्यादान करवाते हैं, तुमने तो 51 हजार बोलकर ढेला दे दिया. मुख्यमंत्री शिवराज इतने पर ही नहीं रुके. उन्होंने कहा कि जा उद्योगपति तेरा उद्योग तुझे मुबारक, हम नंग-भूखे हैं इसलिए किसानों को जीरो परसेंट ब्याज पर पैसे देते हैं. हम नंगे-भूखे हैं इसलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छह हजार रुपए दे रहे थे, हम उसमें चार हजार रुपए जोड़कर किसानों को 10 हजार रूपए दे रहे हैं.
कांग्रेस के नेता कहते हैं कि शिवराज भूखे-नंगे घर का है।
हाँ, मैं भूखे-नंगे घर का हूं। मैंने बीमारियाँ, गरीबी, समस्याएँ देखी है। मैं गरीबों का दर्द जनता हूँ। उद्योगपति यह क्या जानें!परवाह, विधानसभा बामौरी,ज़िला गुना में कार्यकर्ता सम्मेलन में भाग लिया।https://t.co/4yIyQMhwpg https://t.co/p4TfBbX0vA pic.twitter.com/UPXLSLwCha— Shivraj Singh Chouhan (@ChouhanShivraj) October 12, 2020
शिवराज ने कहा कि एक्सीडेंट में गरीब की मौत हो जाने पर बहन के लिए हम चार लाख रुपए देते हैं ताकि जिंदगी की गाड़ी पटरी पर चलती रहे. सामान्य मौत होने पर दो लाख, गरीब की मौत के कफ्न के लिए भी पांच हजार रुपए देते हैं. उन्होंने कहा कि हम नंगे-भूखे हैं तो बुजुर्गों को तीर्थयात्रा करवाते हैं, किसानों की फसल बीमा की राशि देते हैं. हम नंगे भूखे हैं जो गरीबों के पक्के मकान बनवाते हैं.
सीएम शिवराज ने आखिर में शायराना अंदाज में कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि तुम्हारी अमीरी तुम्हें मुबारक कमलनाथ, ए बंगले वालों हम नंगे-भूखों पर अंगुली मत उठाओ, हमें नंगे ही रहने दो, हमें भूखे ही रहने दो ताकि जिंदगीभर गरीबों की सेवा करते रहें.