वायरल गर्ल लापता, बढ़ सकती हैं फरमान की मुश्किलें: मां बोली- फरमान की वजह से बेटी लापता, अधिवक्ता एपी सिंह ने संगठित रैकेट बताया – Ujjain News

वायरल गर्ल लापता, बढ़ सकती हैं फरमान की मुश्किलें:  मां बोली- फरमान की वजह से बेटी लापता, अधिवक्ता एपी सिंह ने संगठित रैकेट बताया – Ujjain News




वायरल गर्ल के लापता होने के बाद पति फरमान खान की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। खरगोन में वायरल गर्ल की मां ने भावुक अपील करते हुए कहा है कि मेरी बेटी लापता है, वह जहां भी है घर लौट आओ। मां ने फरमान को इसका पूरा जिम्मेदार बताया है। वहीं सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता एपी सिंह रविवार को उज्जैन पहुंचे। एपी सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले में अपनी बात रखी। एपी सिंह ने नाबालिग का धर्मांतरण कराने के मामले को एक संगठित रैकेट बताया। उन्होंने पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। गंभीर धाराओं में दर्ज किया गया है केस: सिंह अधिवक्ता एपी सिंह ने बताया कि वे महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन के लिए उज्जैन आए थे, जहां उन्हें हाल ही में सामने आए इस मामले की जानकारी मिली। उनके अनुसार, एक नाबालिग आदिवासी लड़की का कथित तौर पर धर्म परिवर्तन कराकर विवाह कराया गया है, जिसे उन्होंने गंभीर अपराध की श्रेणी में रखा। राष्ट्रीय महिला आयोग, राष्ट्रीय दलित आयोग, पिछड़ा वर्ग आयोग और आदिवासी आयोग ने संज्ञान लिया है। जांच में सामने आया कि पीड़िता की दर्ज जन्मतिथि 30 फरवरी 2009 है, जबकि विवाह की तिथि 19 मार्च 2026 दर्ज की गई। इन दस्तावेजों के आधार पर पीड़िता की उम्र लगभग 16 वर्ष पाई गई, जिससे उसके नाबालिग होने की पुष्टि होती है। अधिवक्ता ने बताया कि इस मामले में पॉक्सो एक्ट, एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम और यौन शोषण से संबंधित गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। इसके अतिरिक्त, महेश्वर थाना से जुड़े दो अधिकारियों को फर्जी दस्तावेज बनाने के आरोप में निलंबित भी किया गया है। मामले में कुछ संगठनों और राजनीतिक तत्वों की भूमिका को भी संदिग्ध बताया है। मां बोली- फरमान की सोची-समझी साजिश ‘वायरल गर्ल’ के लापता होने के मामले में मां ने फरमान खान को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने प्रशासन से मदद मांगी है। मां ने कहा कि सोशल मीडिया पर जो भी वीडियो चल रहे हैं, वे सब फरमान की एक सोची-समझी साजिश हैं। फरमान जानबूझकर झूठ फैला रहा है ताकि जांच को भटकाया जा सके। उन्होंने सरकार से मांग की है कि उनकी बेटी को जल्द से जल्द ढूंढकर उन्हें सौंपा जाए। नाबालिग होने की हुई थी पुष्टि यह मामला पहले भी काफी चर्चा में रहा है क्योंकि राष्ट्रीय जनजातीय आयोग की जांच में मोनालिसा के नाबालिग होने की बात सामने आई थी। इसके बाद हिंदू संगठनों ने इसे ‘लव जिहाद’ का मामला बताते हुए काफी विरोध प्रदर्शन किया था। अब अजमेर के पुष्कर से मोनालिसा के गायब होने और फरमान के ‘ढूंढने वाले’ वीडियो ने मामले को फिर से गरमा दिया है।



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