शहडोल के जैतपुर थाना क्षेत्र के ग्राम नंदटोला में बीती रात महुआ बीनते समय आग लगने से एक वृद्ध महिला की मौत हो गई। इस घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में आपातकालीन सेवाओं की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के मुताबिक, 60 वर्षीय राजमतिया बाई, पति हर प्रसाद सिंह, सुबह अपने खेत में महुआ बीनने गई थीं। उन्होंने महुआ के पेड़ के नीचे जमा सूखे पत्तों को साफ करने के लिए आग लगाई थी। इसके बाद वह महुआ बीनने लगीं, लेकिन कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप ले लिया और पास की यूकेलिप्टिस नर्सरी तक फैल गई। तेज लपटों में फंसी आग को फैलता देख महिला उसे बुझाने के लिए नर्सरी की ओर बढ़ीं। इसी दौरान तेज लपटों ने उन्हें चारों ओर से घेर लिया, जिससे वह बीच में फंस गईं और मदद के लिए चिल्लाने लगीं। आसपास मौजूद ग्रामीणों ने उन्हें किसी तरह बाहर निकाला, लेकिन तब तक वह गंभीर रूप से झुलस चुकी थीं। घटना की सूचना मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे और 108 एम्बुलेंस सेवा को फोन किया। हालांकि, एम्बुलेंस करीब दो घंटे तक नहीं पहुंच सकी। महिला की बिगड़ती हालत को देखते हुए परिजन उन्हें एक निजी वाहन से जिला अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। लापरवाही का आरोप मृतका के बेटे जीत कुमार सिंह ने एम्बुलेंस सेवा की लापरवाही पर सवाल उठाए हैं। अस्पताल चौकी पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। यह घटना ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की धीमी गति पर गंभीर सवाल खड़े करती है। जैतपुर थाना प्रभारी जय प्रकाश शर्मा ने बताया कि उन्हें घटना की जानकारी मिली है। उन्होंने कहा कि महिला को गंभीर हालत में परिजन जिला अस्पताल ले गए थे, जहां उनकी मौत हो गई। अस्पताल चौकी से मर्ग डायरी आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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