मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में गौ संरक्षण के दावों के विपरीत एक गंभीर स्थिति सामने आई है। यहां खुले में फेंके जा रहे कचरे और बायो-वेस्ट के कारण गौवंश की जान खतरे में पड़ गई है। धनपुरी नगरपालिका क्षेत्र में गौवंश जहरीला कचरा खाकर बीमार पड़ रहे हैं और उनकी मौत हो रही है। यह घटना धनपुरी नगरपालिका क्षेत्र के अंतर्गत बंद पड़ी बैगा माइंस के पास की है। यहां भारी मात्रा में कूड़ा-कचरा खुले में डंप किया जा रहा है, जिसमें प्लास्टिक, अस्पताल का बायो-वेस्ट, इस्तेमाल की गई सिरिंज और अन्य खतरनाक सामग्री शामिल है। भोजन की तलाश में आने वाले गौवंश इन जहरीले अवशेषों को खा रहे हैं, जो उनके लिए जानलेवा साबित हो रहा है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि धनपुरी नगरपालिका द्वारा यह कचरा खुले में फेंका जा रहा है। साथ ही, स्वास्थ्य विभाग का बायो-वेस्ट भी यहीं डंप किया जा रहा है। इस समस्या के लिए एसईसीएल (SECL) की लापरवाही को भी जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। तीनों विभागों की अनदेखी से स्थिति और गंभीर हो गई है। हाल ही में अमलाई ओपन कास्ट माइंस क्षेत्र में केमिकल युक्त पानी पीने से आठ से अधिक गौवंशों की मौत हो चुकी थी। उस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया था, लेकिन इसके बावजूद हालात में कोई सुधार नहीं दिख रहा है। बैगा माइंस के पास फैलता यह कचरा एक और बड़े हादसे की आशंका पैदा कर रहा है। स्थानीय नागरिकों, गौ रक्षकों और पशु प्रेमियों ने प्रशासन से तत्काल सफाई अभियान चलाने, जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करने और गौवंश की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है। संस्था को जारी किया नोटिस इस संबंध में मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, शहडोल के क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. अशोक कुमार तिवारी ने बताया कि वीडियो देखने के बाद संबंधित संस्थाओं को नोटिस जारी कर जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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