Inaugurated by CM, but after a month neither water has been cleaned, nor digital museum opened | सीएम के हाथों लोकार्पण लेकिन एक महीने बाद भी न पानी साफ हुआ, न डिजिटल म्यूजियम खुला

Inaugurated by CM, but after a month neither water has been cleaned, nor digital museum opened | सीएम के हाथों लोकार्पण लेकिन एक महीने बाद भी न पानी साफ हुआ, न डिजिटल म्यूजियम खुला


ग्वालियर19 घंटे पहले

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  • अफसरों ने आनन-फानन में करा लिए आयोजन पर लोगों को लाभ नहीं

अब से ठीक एक महीने पहले 11 और 12 सितंबर काे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शहर के जिन बड़े प्राेजेक्टस का लाेकार्पण किया था, वे एक महीने बाद भी लाेगाें के किसी काम नहीं आ रहे हैं।

ग्वालियर विधानसभा में 94 करोड़ रुपए के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में पिछले एक महीने में सीवर के पानी का ट्रीटमेंट नहीं हो पाया है। इसमें डाले गए बैक्टीरिया को विकसित होने में अभी एक सप्ताह और लगने की बात प्लांट में कार्यरत इंजीनियर कर रहे हैं।

यही हाल लालटिपारा स्थित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का है। इसी तरह ग्वालियर स्मार्ट सिटी डपलपमेंट कार्पोरेशन के डिजिटल म्यूजियम एंड प्लेनेटोरियम काे लाेगाें के लिए नहीं खाेला जा सका है। मुरार नदी के जीर्णोद्वार के लिए शिलान्यास हाेने के बाद भी काम नहीं शुरू हाे पाया है। दरअसल, विस उपचुनाव के कारण अफसराें ने राजनेताओं के दबाव में आनन-फानन में अधूरे प्रोजेक्ट्स का लोकार्पण ताे करा दिया, लेकिन इसका लाभ अभी तक लाेगाें काे नहीं मिल सका है।

मैं खुद जाकर देखूंगा, फिर बता पाऊंगा

यह बात सही है कि प्लांट चालू हो चुका है और 15 दिन में साफ पानी निकलने की बात कही थी। अभी उसमें से साफ पानी नहीं निकल रहा है, जिससे लोगों को फायदा मिलेगा। मैं सोमवार को प्लांट पर जाकर खुद चेक करूंगा। इसके बाद बता सकूंगा। मुरार नदी प्रोजेक्ट पर जल्दी काम शुरू होगा। –संदीप माकिन, आयुक्त, नगर निगम

भोपाल से टीम को आकर निरीक्षण करना है

डिजिटल म्यूजियम को खोलने की तैयारी पूरी हो चुकी है। अभी भोपाल से एक इंटरनल कमेटी को आकर निरीक्षण करना है। उसकी रिपोर्ट के बाद चालू कर देंगे। कमेटी को बुलाने के लिए पत्र लिखा है। यदि वह लिखकर दे देती हैं चालू करने के लिए, तो हम चालू कर देंगे। -जयति सिंह, सीईओ, स्मार्ट सिटी डवलपमेंट कार्पोरेशन

डिजिटल म्यूजियम एंड प्लेनेटोरियम
लागत: 6.72 करोड़ रुपए
हालात: अभी प्लेनेटोरियम का निर्माण चल रहा है। डिजिटल म्यूजियम पर जनता के लिए ताले लगे हैं। इसे चलाने के लिए एजेंसी तक संचालित नहीं हुई। लोकार्पण के बाद सीईओ जयति सिंह ने दस दिन में चालू करने का दावा किया था।

दो सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट
दो सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट
लागत: जलालपुर प्लांट की 94 करोड़ रुपए, लालटिपारा प्लांट की कीमत 55.56 करोड़ रुपए।
हालात: जलालपुर ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता 145 एमएलडी की हैं। यहां एक महीने में बैक्टीरिया तैयार नहीं हो पाए। प्रभारी जेड खान का कहना है कि प्लांट में बैक्टीरिया तैयार होने में एक सप्ताह का वक्त और लगेगा। तब साफ पानी छोड़ेंगे। लालटिपारा में 65 एमएलडी क्षमता का एसटीपी बनाया गया हैं। यहां से भी साफ पानी मुरार नदी में नहीं छोड़ा गया। यहां के कंपनी के इंजीनियर रवि सवानी का कहना है कि अभी वक्त लगेगा।

मुरार नदी जीर्णोद्वार
लागत: 64 करोड़ मांगे थे। इसमें से 50 करोड़ मंजूर होकर आए हैं।
हालात: अभी तक डीपीआर मंजूर नहीं हुआ। न ही टेंडर लगाए गए। सरकार ने 50 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति दे दी। अभी तक मौके पर एक गेंती तक नहीं लगी।

10 पानी की टंकियां

लागत: 18.16 करोड़ रुपए
हालात: 10 पानी की टंकियों से नल कनेक्शन में मीटर तक नहीं लगे हैं। कई क्षेत्रों में पानी सप्लाई आज तक नहीं हुआ है। न ही सप्लाई का समय तय किया गया है। अभी डीएमए तक रह गए हैं।



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