खजुराहो में पारा 43.2°C, भोपाल-इंदौर से गर्म जबलपुर: MP के 9 शहरों में 42 डिग्री से ज्यादा; 16 जिलों में आज लू का अलर्ट – Bhopal News

खजुराहो में पारा 43.2°C, भोपाल-इंदौर से गर्म जबलपुर:  MP के 9 शहरों में 42 डिग्री से ज्यादा; 16 जिलों में आज लू का अलर्ट – Bhopal News




मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी का दौर शुरू हो गया है। शुक्रवार को सीजन में पहली बार टेम्पेरेचर 43.2 डिग्री पहुंचा। यह छतरपुर के खजुराहो में दर्ज किया गया। वहीं, 9 शहरों में पारा 42 डिग्री से ज्यादा रहा। IMD (मौसम केंद्र) भोपाल ने शनिवार को 16 जिलों में हीट वेव यानी, लू की चेतावनी जारी की है। भोपाल में शनिवार से ही स्कूल नए समय तक लगेंगे। मौसम विभाग ने आज जिन जिलों में लू का अलर्ट जारी किया, उनमें अलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, धार, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना शामिल हैं। भास्कर ने दिखाई हकीकत…12 जिलों में स्कूलों का समय बदला
भीषण गर्मी की वजह से सरकारी और प्राइवेट स्कूलों के बच्चों के सामने मुश्किलें बढ़ गई थीं। तेज धूप के बीच वे घर लौट रहे थे। ऐसे में उनकी सेहत बिगड़ने का डर भी था। इसलिए शुक्रवार को दैनिक भास्कर ने भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर समेत पूरे प्रदेश के हालात दिखाए। नतीजा यह रहा कि कलेक्टरों ने स्कूलों का समय बदल दिया। राजधानी भोपाल में स्कूल सुबह 7.30 से दोपहर 12 बजे तक ही संचालित होंगे। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने यह आदेश जारी किए। वहीं, नर्मदापुरम, ग्वालियर, बालाघाट, मैहर, रतलाम, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, रायसेन, डिंडौरी, अनूपपुर और उमरिया में भी नई टाइमिंग तक ही स्कूल लगेंगे। देखिए शुक्रवार की तस्वीरें… सीजन में पहली बार तापमान बढ़ा
प्रदेश में शुक्रवार को गर्मी ने तीखे तेवर दिखाए। छतरपुर के खजुराहो में पारा सबसे ज्यादा 43.2 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। वहीं, उमरिया में 42.9 डिग्री, टीकमगढ़-नौगांव में 42.8 डिग्री, नौगांव में 42.6 डिग्री, मंडला में 42.5 डिग्री, दमोह, गुना-दतिया में 42.2 डिग्री, सागर-सतना में 41.8 डिग्री, छिंदवाड़ा में 41.6 डिग्री, नर्मदापुरम-शाजापुर में 41.4 डिग्री, सीधी, नरसिंहपुर, रीवा-मलाजखंड में तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बात करें तो जबलपुर में सबसे ज्यादा 42 डिग्री रहा। भोपाल-ग्वालियर में 41.3 डिग्री, इंदौर में 40.6 डिग्री, उज्जैन में 40.5 डिग्री दर्ज किया गया। खजुराहो समेत कई जिलों में लू भी चली। गर्मी से बचने के लिए एडवायजरी जारी
गर्मी का असर बढ़ते ही मौसम विभाग ने बचाव की एडवायजरी भी जारी की है। लोगों से कहा गया है कि वे दिनभर पर्याप्त पानी पिएं और शरीर को हाइड्रेट रखें। दोपहर के समय लंबे समय तक धूप में न रहे। हल्के वजन और रंग के सूती कपड़े पहनें। बच्चे और बुजुर्ग खासतौर पर ध्यान रखें। आज से अगले 3 दिन ऐसा रहेगा मौसम… अप्रैल में लगातार 9 दिन तक बारिश
बता दें कि अबकी बार अप्रैल में भीषण गर्मी की बजाय आंधी-बारिश और ओले वाला मौसम रहा। 1 से 9 अप्रैल तक प्रदेश में कहीं न कहीं मौसम बदला। इस दौरान ग्वालियर में सबसे ज्यादा पानी गिरा। 15 से ज्यादा जिलों में ओलावृष्टि हुई तो करीब 45 जिलों में पानी गिरा। अप्रैल के दूसरे पखवाड़े में पड़ती है तेज गर्मी
मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह दिसंबर-जनवरी में सर्दी और जुलाई-अगस्त में सबसे ज्यादा बारिश होती है, उसी तरह गर्मी के दो प्रमुख महीने अप्रैल और मई हैं। अप्रैल के दूसरे पखवाड़े से तेज गर्मी पड़ती है। गर्मी में ऐसे रखें ध्यान… फरवरी-मार्च में 4-4 बार बदला मौसम इस साल जनवरी में बारिश नहीं हुई, लेकिन फरवरी और मार्च में 4-4 बार मौसम बदला। ठंड के मौसम में ही फरवरी में मौसम का मिजाज बदल गया। शुरुआत में ही प्रदेश में दो बार ओले, बारिश और आंधी का दौर रहा। इससे फसलों को खासा नुकसान हुआ था। इसके बाद सरकार ने प्रभावित फसलों का सर्वे भी कराया था। 18 फरवरी से तीसरी बार प्रदेश भीग गया है। 19, 20 और 21 फरवरी को भी असर रहा। फिर चौथी बार 23-24 फरवरी को भी ओले-बारिश का दौर रहा। मार्च में गर्मी के सीजन की शुरुआत हो गई। पहले पखवाड़े में तेज गर्मी वाला मौसम रहा। दूसरे पखवाड़े में बारिश शुरू हो गई। एक दौर लगातार 4 दिन तक रहा। इस दौरान 45 से ज्यादा जिलों में आंधी-बारिश हुई। वहीं, 17 जिलों में ओले भी गिरे। इससे गेहूं, पपीता और केले की फसलें बर्बाद हुई है। तीसरा दौर 26-27 मार्च को रहा। 27 मार्च को सतना, रीवा, दतिया और भिंड में बारिश हुई। सतना के चित्रकूट में आंधी चलने और बारिश होने की वजह से दीप सज्जा के कार्यक्रम पर असर पड़ा था। चौथी बार मौसम ने 29-30 मार्च को फिर से करवट बदली है। 30 मार्च को एमपी के आधे हिस्से में कहीं बारिश-आंधी तो कहीं ओले भी गिरें। MP के 5 बड़े शहरों में अप्रैल में मौसम का ऐसा ट्रेंड… एमपी में अप्रैल के दूसरे पखवाड़े से गर्मी का असर तेज होने लगता है। महीने के आखिरी दिनों में तो तापमान रिकॉर्ड तोड़ देता है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर के 10 साल की डाटा बेस्ड स्टडी में सामने आया कि भोपाल-इंदौर में पारा 43 डिग्री तक पहुंचा जबकि जबलपुर में इसने 44 डिग्री सेल्सियस को छू लिया। ग्वालियर में तो तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। पिछले तीन साल इन शहरों में तेज गर्मी पड़ी। इस बार भी तापमान में बढ़ोतरी की संभावना है। भोपाल में 1996 में पड़ी थी सबसे ज्यादा गर्मी अप्रैल में गर्मी के ट्रेंड की बात करें तो भोपाल में 29 अप्रैल 1996 को अधिकतम तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस पहुंचा था। इस महीने भोपाल में बारिश-आंधी के आसार भी बनते हैं। यही कारण है कि पिछले कुछ साल से अप्रैल में बारिश का दौर चल रहा है। 20 अप्रैल 2013 को भोपाल में 24 घंटे के भीतर 30.8 मिमी यानी एक इंच से ज्यादा बारिश हुई थी। वहीं, 2023 में 22.6 मिमी पानी गिरा था। इंदौर में पिछले साल गिरा था 22.3 मिमी पानी इंदौर में भी पारा 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। मौसम विभाग के अनुसार, 25 अप्रैल 1958 को सर्वाधिक 44.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया था। इस महीने यहां भी मौसम में बदलाव देखने को मिलता है। गर्मी के साथ बादल छाए रहते हैं तो बौछारें भी गिरती हैं। हर साल बारिश का दौर भी बनता है। जबलपुर में तेज गर्मी का ट्रेंड जबलपुर की बात करें तो यहां अप्रैल में एक बार पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार रहा है। मौसम विभाग के अनुसार 28 अप्रैल 1970 को दिन का तापमान 45.4 डिग्री रहा था। अप्रैल में यहां भी बारिश होने की संभावना रहती है। रिकॉर्ड के अनुसार, जबलपुर में 3 अप्रैल 1935 को 24 घंटे के भीतर 50.3 मिमी बारिश हुई थी। 2023 में 20.2 मिमी पानी गिरा था। इस साल 19 अप्रैल को अधिकतम तापमान 40.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था। ग्वालियर में पड़ती है सबसे ज्यादा गर्मी ग्वालियर में अप्रैल की गर्मी का ट्रेंड बाकी शहरों से अलग रहता है। यहां ज्यादा गर्मी पड़ती है। बीते 10 साल में यहां पारा एक बार 45 डिग्री और 3 बार 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। 28 अप्रैल 1958 को तापमान 46.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। एक दिन में सर्वाधिक बारिश होने का रिकॉर्ड वर्ष 1909 में बना था, जब 22 अप्रैल को कुल 67.6 मिमी बारिश हुई थी। इसी साल अप्रैल महीने में साढ़े 4 इंच पानी गिरा था। उज्जैन में भी गर्मी, बारिश का ट्रेंड उज्जैन में भी अप्रैल महीने में गर्मी और बारिश का ट्रेंड रहता है। 18 अप्रैल 2010 को तापमान रिकॉर्ड 45.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था। वहीं, 2014 से 2025 के बीच दो बार पारा 43 डिग्री के पार जा चुका है। पिछले साल यह रिकॉर्ड 48.8 डिग्री पारा पहुंच चुका है, जो ओवरऑल रिकॉर्ड भी है।



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