मंडला जिले के करियागांव में हुए सनसनीखेज आशीष साहू हत्याकांड का पुलिस ने 24 घंटे में खुलासा कर दिया है। पुलिस जांच में मृतक का सगा बड़ा भाई घनश्याम साहू ही कातिल निकला। आरोपी ने आपसी रंजिश और विवाद के चलते अपने छोटे भाई की बेरहमी से हत्या कर शव को सेप्टिक टैंक में छिपा दिया था। लापता होने के 6 दिन बाद टैंक से मिली लाश आशीष 11 अप्रैल से लापता था, जिसकी गुमशुदगी उसके पिता मुन्ना लाल साहू ने 15 अप्रैल को दर्ज कराई थी। 17 अप्रैल को घर के सेप्टिक टैंक से तेज दुर्गंध आने पर जब पुलिस ने जांच की, तो सीमेंट की नई परत के नीचे कपड़े में लिपटे शव के कई टुकड़े बरामद हुए। एफएसएल टीम की मदद से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाकर पुलिस ने शव की पहचान आशीष के रूप में की। पूंजी और रसूख को लेकर था मनमुटाव पुलिस पूछताछ में हत्या की वजह भाई के प्रति ईर्ष्या और रंजिश सामने आई है। आशीष कामकाज में काफी सक्रिय था और उसने हाल ही में एक ट्रैक्टर फाइनेंस कराया था। आरोपी घनश्याम को लगता था कि आशीष उस पर धौंस जमाता है, उसकी बात नहीं मानता और घर के पैसों का हिसाब भी नहीं देता। इसी मनमुटाव के कारण उसने खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपी को भेजा जेल अंजनिया पुलिस ने आरोपी घनश्याम साहू को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल हथियार जब्त कर लिया है। पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा के मार्गदर्शन में टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। जांच टीम की महत्वपूर्ण भूमिका इस गुत्थी को सुलझाने में निरीक्षक जय सिंह यादव, उपनिरीक्षक प्रवीण शर्मा और सहायक उपनिरीक्षक राजेश सराठे सहित पूरी टीम का अहम योगदान रहा। पुलिस मामले के अन्य पहलुओं की भी सूक्ष्मता से जांच कर रही है।
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