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Indore Famous Chicken khichda: इंदौर सफाई के साथ-साथ अपने खानपान के लिए जाना जाता है. यहां का खाना काफी फेमस हैं और नॉनवेज की तो बात ही अलग होती है. वहीं यहां एक नॉनवेज डिश काफी फेमस है जिसे चिकन खिचड़ा कहते हैं. इसका स्वाद लेने वालों की दुकानों पर भीड़ लगी रहती है. इससे बनाने में घंटों का समय लगता है. कैसे होता है तैयार और कैसा होता है स्वाद जानते हैं..
इंदौर. इंदौर खानपान का जिक्र होते ही लोगों के जहन में नमकीन आती है लेकिन यहां एक बड़ी आबादी है जो कि नॉनवेज की शौकीन है. खासकर शहर के बॉम्बे बाजार, चंदन नगर और आजाद नगर जैसे इलाकों में जहां मुस्लिम आबादी रहती है वहां चिकन खिचड़ा नाम की नॉन-वेज की डिश काफी पसंद की जाती है इसकी दुकानों पर आपको लंबी लाइन मिल जाएगी.
बॉम्बे बाजार की ऐसी ही एक दुकान है मुर्शिदी खिचड़ा, जो इस डिश का पर्याय बन चुकी है. कई सालों से दुकान चला रहे मोहम्मद नईम से हमने बातचीत की और जाना कि आखिर क्या है इसकी खासियत और इसे कैसे पकाया जाता है. उन्होंने बताया कि केवल चिकन ही नहीं बल्कि मटन का भी खिचड़ा बनता है. इसे हलीम के नाम से भी जाना जाता है. हालांकि, हलीम जहां पूरी तरह घोटकर पेस्ट जैसा बना दिया जाता है, वहीं खिचड़ा अपनी बनावट में थोड़ा दानेदार और खड़ा होता है.
घंटों में तैयार होता है खिचड़ा
आमतौर पर जब भी नॉन-वेज की बात होती है तो मसालेदार चिकन ही जहन में आता है लेकिन चिकन खिचड़ा प्रोटीन से भरपूर होता है. इसमें पांच प्रकार की दाल डाली जाती है. 6 से 7 घंटे इसे भट्टी पर उबाला जाता है उसके बाद मसाले में तैयार किए गए चिकन या मटन को इसमें मिलाया जाता है फिर मशीन पर घंटों घूमाकर इसका पेस्ट बनाया जाता है, तब जाकर यह चिकन खिचड़ा तैयार होता है.
वैसे तो यह इतना तीखा नहीं होता लेकिन क्योंकि इंदौरियों की आदत होती है झन्नाट खाने की इसलिए उनके लिए अलग से मसाले रखे जाते हैं जो वह अपनी प्लेट में अलग से डाल सकते हैं. सामान्य तौर पर इस खिचड़े पर नींबू का रस और जीरावन डालकर इसे खाया जाता है. एक प्लेट की कीमत मात्र 20 रुपए होती है जबकि बड़ी प्लेट 30 में मिलती है.
बनाने का पूरा तरीका
मोहम्मद नईम ने बताया कि इसमें चिकन के साथ गेहूं, जौ, चावल चार से पांच तरह की दालों का इस्तेमाल होता है. इसे घंटों तक धीमी आंच पर पकाया जाता है ताकि अनाज और मीट एक-दूसरे में पूरी तरह समा जाएं. गेहूं और जौ को रात भर भिगोया जाता है ताकि वे नरम हो जाएं चना, तुअर, मूंग और मसूर की दालों का इस्तेमाल होता है जो इसे एक गाढ़ा और मखमली बनाते हैं. बड़े-बड़े ढेग में चिकन को मसालों के साथ तब तक भुना और पकाया जाता है जब तक कि वह हड्डियों को खुद न छोड़ दे उसके बाद इसे लकड़ी के बड़े चम्मचों से इसे लगातार चलाया जाता है ताकि अनाज का रेशा-रेशा चिकन के साथ एक जान हो जाए.
दरअसल, चिकन या मटन खिचड़ा एक ऐसा खाना है जो न केवल आपका पेट भरता है बल्कि दिल खुश भी कर देता है. कुछ लोग इसे रुमाली रोटी के साथ भी खाना पसंद करते हैं. अगली बार अगर बॉम्बे बाजार से गुजरते हैें तो इसका स्वाद जरुर चखें.
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