फोरलेन पर महिला की हत्या मामले में आरोपी को उम्रकैद: रतलाम में रेप के बाद हत्या कर शव फेंक दिया था; 5 साल बाद कोर्ट का फैसला – Ratlam News

फोरलेन पर महिला की हत्या मामले में आरोपी को उम्रकैद:  रतलाम में रेप के बाद हत्या कर शव फेंक दिया था; 5 साल बाद कोर्ट का फैसला – Ratlam News




5 साल पहले महिला की हत्या कर शव को बिलपांक के पास फोरलेन के नीचे फेंकने के मामले में कोर्ट ने सोमवार को फैसला सुनाया है। कोर्ट ने आरोपी को आजीवन कारावास एवं 6 हजार रुपए के अर्थ दंड से दंडित किया l कोर्ट में अभियोजन ने 20 गवाहों के बयान एवं 77 दस्तावेज पेश किए गए थे। फैसला तृतीय सत्र न्यायाधीश बरखा दिनकर की कोर्ट ने सुनाया। अपर लोक अभियोजक एवं शासकीय अधिवक्ता सतीश त्रिपाठी ने बताया कि घटना 18 जून 2021 की रात्रि की है। आरोपी सुरेश (47) पिता बंसीलाल जाटव निवासी बड़ी मोहल्ला राव इंदौर अपने वाहन आयशर ट्रक से सामान लेकर इंदौर से रतलाम के लिए निकला था। आरोपी ने अपने साथ श्रमिक कॉलोनी शमशान घाट के पास राऊ निवासी पीड़िता को भी ट्रक में बैठाया। रास्ते में आरोपी ने पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया। उसके बाद उसकी हत्या कर दी थी। रास्ते में फेंका शव
आरोपी इंदौर से रतलाम के बिलपांक टोल नाके को पार किया। वापस इंदौर की तरफ जाकर प्रकाश नगर पुलिया के नीचे अंधेरे में महिला के शव को फेंक दिया था l सुबह शव दिखने पर गांव के लोगों ने बिलपांक पुलिस थाने पर सूचना दी थी। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच की। टोल नाके के सीसीटीवी फुटेज निकाले। जिसमें आरोपी एवं महिला दिखाई दिए थे। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार न्यायालय में अभियोग पत्र धारा 201, 302, 376 भारतीय दंड संहिता का प्रस्तुत किया था। सीडीआर एवं सीसीटीवी फुटेज बने आधार
महिला के अज्ञात होने के कारण पुलिस ने आसपास के थाना क्षेत्र को सूचना दी थी। चोकला एवं चिकलिया टोल नाके के फुटेज भी प्राप्त किए। आरोपी के मोबाइल की सीडीआर से महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले। अज्ञात महिला के मिलने का स्थान, आरोपी की गाड़ी खराब होने के स्थान की सीसीडीआर लोकेशन से महिला का आरोपी के साथ होना पाया गया। मृतका के शव मिलने के स्थान पर आरोपी की उपस्थिति होना प्रमाणित माना गया। हत्या कर दूसरे दिन सामान देने गया
आरोपी सुरेश महिला की हत्या कर शव फेंकने के दूसरे दिन रतलाम में सामान देने आया था। पूरी सुनवाई के बाद तृतीय सत्र न्यायाधीश ने आरोपी को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। शासन की ओर से पैरवी अपर लोक अभियोजक एवं शासकीय अधिवक्ता सतीश त्रिपाठी ने की।



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