Examination of corona in district hospital is closed for 12 days, machine was installed 3 months ago to check the speed, 25 to 30 samples were tested every day | जिला अस्पताल में 12 दिन से बंद है कोरोना की जांच, जाचों की रफ्तार बढ़ाने 3 महीने पहले लगाई थी मशीन, हर दिन होते थी 25 से 30 सैंपल की जांच

Examination of corona in district hospital is closed for 12 days, machine was installed 3 months ago to check the speed, 25 to 30 samples were tested every day | जिला अस्पताल में 12 दिन से बंद है कोरोना की जांच, जाचों की रफ्तार बढ़ाने 3 महीने पहले लगाई थी मशीन, हर दिन होते थी 25 से 30 सैंपल की जांच


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सागर20 घंटे पहले

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कोरोना मरीजों की जांच की रफ्तार बढ़ाने के लिए करीब 3 माह पहले जिला अस्पताल में लगाई गई ट्रूनेट मशीन पिछले 12 दिन से बंद पड़ी है। वजह मशीन का रिएजेंट और कॉटरीज खत्म हो जाना है। इसके चलते जिले में जांच के सैंपलों की संख्या भी घट गई है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग इसके पीछे कारण अब घर घर के बजाय फ्लू ओपीडी में जांच होना बता रहा है। यह स्थिति तब है, जब आईसीएमआर ने आने वाले दिनों में कोरोना संक्रमण का खतरा और अधिक बढ़ने का अलर्ट जारी किया है।

सूत्रों के अनुसार शासन ने कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए जून माह में जिला अस्पताल में ट्रूनेट मशीन इंस्टॉल कराई थी। ताकि कोरोना मरीजों के सैंपल की जांच की रफ्तार बढ़ाई जा सके। मशीन से रोजाना 25 से 30 सैपलों की जांच की जा रही थी। पिछले माह तक इस मशीन से करीब 2700 मरीजों की जांच की गई है। इस जांच का फायदा यह है कि रैपिड एंटीजन टेस्ट के मुकाबले यह ज्यादा भरोसेमंद है। आरटीपीसीआर टेस्ट की तरह ही इसमें भी आरएनए यानी वायरस के अनुवांशिक कणों को अलग कर जांच की जाती है। लेकिन इसमें माइक्रोबायोलॉजिस्ट की जरूरत नहीं होती। टेक्नीशियन जांच पूरी कर देते हैं। साथ ही रिपोर्ट आने में भी करीब 1 घंटे का वक्त लगता है।

मशीन से जांच की यह है प्रक्रिया
ट्रूनेट मशीन से कोविड-19 जांच के लिए सैंपल लेने के बाद आरएनए सेप्रेटर मशीन से 20 मिनट की प्रक्रिया में सैंपल से आरएनए अलग किया जाता है। इसके बाद 45 मिनट की प्रक्रिया में आरएनए अलग होने के बाद सैंपल को माइक्रोचिप से टेस्ट किया जाता है। यदि टेस्ट पॉजिटिव है तो कोविड-19 की रिपोर्ट को प्रिंटर डिटेक्टेड लिखकर प्रिंट करती है। यदि टेस्ट निगेटिव है तो नॉट डिटेक्टेड की रिपोर्ट प्रिंटर से प्रिंट होकर निकलती है। रिपोर्ट आने के बाद कन्फर्मेशन किया जाता है। यह इसी मशीन से हो जाता है। कंफर्मेंट्री चिप के जरिए रिजल्ट को चेक किया जाता है। इसमें जो रिजल्ट आता है वह फाइनल होता है।

एक-दो दिन में चालू हो जाएगी मशीन
मशीन का रिएजेंट और कॉटरीज खत्म हो गई है। यह सामग्री मंगवाने के लिए हमने 8 दिन पहले ऑर्डर भोपाल भेजा था। लेकिन वहां भी रिएजेंट नहीं मिला है। आज ही मेरी बात हुई है। कल तक रिएजेंट आ जाएगा। गुरुवार से मशीन चालू हो जाएगी।
– डॉ. आरडी गायकवाड, सिविल सर्जन जिला अस्पताल सागर



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