नेता जी का गजब कारनामा! सरकारी जमीन पर बनाई दुकानें, फर्जी रजिस्ट्री, खुद गवाह बने

नेता जी का गजब कारनामा! सरकारी जमीन पर बनाई दुकानें, फर्जी रजिस्ट्री, खुद गवाह बने


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रायसेन जिले के सुल्तानपुर में एक गजब ही कारनामा देखने को मिला, जब एक नेता ने सरकारी जमीन पर बनी दुकान की ही रजिस्ट्री करवा दी. खास बात ये रही है कि इस रजिस्ट्री में वह खुद गवाह भी बन गए. बताया जा रहा है कि नेता जी ने इसमें एक कर्मचारी को भी शामिल कर लिया. बताया जा रहा है कि उनके बड़े-बड़े नेताओं से अच्छे संबंध हैं.

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रायसेन में सामने आया बड़ा फर्जीवाड़ा

सुल्तानपुर में लंबे समय से चला आ रहा शासकीय भूमि बेचने का चलन अब और बढ़ गया है, जब सुल्तानपुर नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती लक्ष्मी मीणा के पति हेमराज मीणा ने PWD परिसर की भूमि के आस पास अवैध दुकानों का निर्माण करवा कर उन्हें बेच दिया, जिसमें एक दुकानदार अरविंद श्रीवास्तव ने हेमराज मीणा पर सीधा आरोप लगाया है कि इनके द्वारा पहले हम दुकानदारों को गुमराह कर सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण करवाकर 23 दुकानें बेची हैं और इनकी सारी रकम अपनी जेब में रख ली है. रजिस्ट्री भी फर्जी करवाई गई है. एक नगर परिषद के दैनिक मजदूरी करने वाले कर्मचारी को फर्जी रजिस्ट्री में गवाह बनाया गया है.

उसके बचपन का फोटो लगाया गया है, जो लगभग 10 साल पुराना होगा और खुद भी इस फर्जी रजिस्ट्री में गवाह बने हुए हैं. सवाल ये भी उठता है शासकीय भूमि की रजिस्ट्री किस आधार पर की गई. शहीद पटेल ने जो दुकान बेची. उनका कब्जा कितना पुराना था या उनके पास कोई शासकीय पट्टा या ऐसे कौन से दस्तावेज थे, जिससे शासकीय लोक निर्माण विभाग की भूमि पर इनकी रजिस्ट्री हो गई और इनके द्वारा दूसरे व्यक्ति को विक्रय कर दी.

दुकान की फर्जी रजिस्ट्री अब विवाद का कारण बन चुकी है और स्थानीय प्रशासन हेमराज मीणा के इशारों पर काम कर रहा है. वह एक अध्यक्ष पति हैं और अध्यक्ष पद का फायदा उठाकर शासकीय भूमि बेच रहे हैं. स्थानीय प्रशासन उनके इशारों पर नाच रहा है. दुकानदार अरविंद श्रीवास्तव ने कहा कि अधिकारियों को भी अपने पद की गरिमा को देखते हुए कार्य करना चाहिए. आखिर हम किसके लिए काम कर रहे हैं. प्रशासन को सभी शासकीय भूमि पर हुई अवैध दुकानों की जांच कर अतिक्रमण मुक्त करवाना चाहिए और जो फर्जी रजिस्ट्री हुई है उसकी जांच कर फर्जी रजिस्ट्री करवाने वाले पर कार्यवाही करनी चाहिए, जो शासकीय संपति बेच रहा है और प्रशासन को गुमराह कर रहा है, ऐसे भ्रष्ट लोगों पर सख्त कार्यवाही होनी चाहिए.

कलेक्टर ने ठोस कार्रवाई के दिए निर्देश
शासकीय भूमि पर अवैध रूप से बनाई गई सभी दुकानों पर करोड़ों रुपए की अवैध राशि वसूली गई. इस मामले में नगर पंचायत सीएमओ सीएल कैथल ने कहा कि यह मामला पुराने सीएमओ के कार्यकाल का है. जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी. इसके अलावा न्यूज 18 से खास बातचीत में कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा ने तुरंत स्थानीय अधिकारियों को फटकार लगाते हुए मामले में ठोस कार्रवाई के निर्देश दिए हैं.

स्थानीय प्रशासन ने खटखटाया कोर्ट का दरवाजा
अब देखना है कि इस मामले में करोड़ों रुपए की अवैध वसूली करने वाले राजनीतिक संरक्षण में रहने वाले लोगों पर क्या कार्रवाई होती है. क्योंकि अभी तक कोई कार्रवाई ना होने के कारण सुल्तानपुर में तीन धर्मो के स्थानीय निवासियों, जिनमें हिन्दू, मुस्लिम, ईसाई शामिल जिन्होंने अब पूरे मामले को लेकर कोर्ट की शरण लेते हुए न्याय के लिए दरवाजा खटखटाया है.



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