आजीविका मिशन के दो प्रबंधकों की सेवा समाप्त: 5 करोड़ लाख की वित्तीय गड़बड़ी; डिंडौरी कलेक्टर ने मिशन संचालक को लिखा पत्र – Dindori News

आजीविका मिशन के दो प्रबंधकों की सेवा समाप्त:  5 करोड़ लाख की वित्तीय गड़बड़ी; डिंडौरी कलेक्टर ने मिशन संचालक को लिखा पत्र – Dindori News




डिंडौरी कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने जिला आजीविका मिशन की तत्कालीन प्रभारी जिला प्रबंधक मीना परतें और निशा रानी पड़वार की संविदा सेवा समाप्त करने के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा है। यह कार्रवाई बैगा विकास परियोजना और वाटर शेड योजना की 5 करोड़ 60 लाख 6 हजार की राशि में की गई कथित गड़बड़ी और नियमों के उल्लंघन के बाद की गई है। बिना अनुमति बदल दीं योजनाएं, सीधे किया भुगतान जांच में सामने आया कि निशा रानी पड़वार ने सक्षम अधिकारी (कलेक्टर) की अनुमति और स्वीकृत डीपीआर के बिना ही कई योजनाओं के स्वरूप को बदल दिया। प्रस्तावित हार्टिकल्चर गतिविधियों के स्थान पर धान चक्की, ऑयल मिल, सिलाई मशीन और मिक्सर मशीन जैसी योजनाओं के लिए स्वयं स्वीकृति आदेश जारी कर दिए। साथ ही, सीधे कोटेशन प्राप्त कर राशि का भुगतान भी कर दिया गया, जो संविदा शर्तों का स्पष्ट उल्लंघन है। तीन सदस्यीय दल की जांच में पुष्टि वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत मिलने पर प्रशासन ने तीन सदस्यीय जांच दल का गठन किया था। संबंधित अधिकारियों को दो बार सुनवाई का अवसर भी दिया गया, लेकिन वे संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दे सके। जांच रिपोर्ट में नियमों की अनदेखी और अधिकारों के दुरुपयोग की पुष्टि होने के बाद कलेक्टर ने जिला पंचायत सीईओ और मिशन संचालक भोपाल को सेवा समाप्ति का प्रस्ताव भेजा है। तीन ब्लॉक प्रबंधकों और नोडल अधिकारियों को चेतावनी कलेक्टर ने इस मामले में अन्य लापरवाह अधिकारियों पर भी सख्ती दिखाई है। तीन विकासखंडों के मिशन प्रबंधकों—करंजिया के शिवमंगल सिंह, बजाग के नरेंद्र पांडेय और समनापुर के शिव कुमार झरिया को अंतिम चेतावनी पत्र जारी किया गया है। इसके अलावा, विभिन्न महिला आजीविका संगठनों के नोडल अधिकारियों शालिनी चौरसिया, दिनेश कुरूम और नारद श्याम को भी कार्य में लापरवाही बरतने पर नोटिस दिया गया है।



Source link