एक मई से शुरू होने वाली जनगणना के बीच मध्यप्रदेश में शिक्षकों की छुट्टियां खत्म होती नजर आ रही हैं। स्कूल शिक्षा विभाग के कैलेंडर के अनुसार जहां शिक्षकों को 1 मई से ग्रीष्मकालीन अवकाश मिलना है, वहीं जनगणना ड्यूटी में तैनाती के चलते उन्हें महीनेभर काम करना पड़ेगा। इसको लेकर अब शिक्षकों में नाराजगी बढ़ने लगी है। शासकीय शिक्षक संगठन मध्यप्रदेश ने इस मुद्दे पर सरकार से दिल्ली की तर्ज पर अर्न लीव देने की मांग उठाई है। संगठन के कार्यवाहक प्रदेश अध्यक्ष उपेन्द्र कौशल ने बताया कि दिल्ली में जनगणना ड्यूटी के दौरान अवकाश के दिनों में काम करने वाले शिक्षकों को अर्न लीव देने के आदेश जारी किए गए हैं। इसी तरह मध्यप्रदेश में भी हजारों शिक्षकों की सेवाएं ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान ली जा रही हैं, इसलिए यहां भी समान व्यवस्था लागू की जानी चाहिए। छुट्टी में काम, बदले में कुछ नहीं
कौशल ने कहा कि मध्यप्रदेश में शिक्षकों से लगातार गैर-शैक्षिक कार्य जैसे चुनाव, सर्वेक्षण और जनगणना कराए जाते हैं, लेकिन इसके बदले उन्हें न तो पर्याप्त अवकाश मिलता है और न ही अपेक्षित सम्मान। सरकार से जल्द निर्णय की मांग
संगठन ने मांग की है कि जनगणना और चुनाव ड्यूटी के बदले शिक्षकों को अर्न लीव दी जाए, ताकि उन्हें राहत मिल सके और उनके अधिकारों की रक्षा हो सके। शिक्षकों का कहना है कि यदि उन्हें उचित अवकाश और सम्मान मिलेगा, तो वे राष्ट्रीय महत्व के कार्यों को और अधिक समर्पण और जिम्मेदारी के साथ पूरा कर पाएंगे।
Source link