राणापुर में 12 साल बाद आदिनाथ भगवान की प्राण-प्रतिष्ठा: आचार्य देवेश नित्यसेन सुरीश्वर जी महाराज की सानिध्य में महोत्सव का समापन – Jhabua News

राणापुर में 12 साल बाद आदिनाथ भगवान की प्राण-प्रतिष्ठा:  आचार्य देवेश नित्यसेन सुरीश्वर जी महाराज की सानिध्य में महोत्सव का समापन – Jhabua News




झाबुआ के राणापुर में प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ, गणधर और गुरु भगवंतों की प्रतिमाओं की प्राण-प्रतिष्ठा संपन्न हुई। यह आयोजन 12 साल के इंतजार के बाद हुआ, जिसे सुविशाल गच्छाधिपति आचार्य देवेश नित्यसेन सुरीश्वर जी महाराज साहब, मुनि मंडल और साध्वी मंडल की पावन निश्रा में आयोजित किया गया। ‘ॐ पुण्याह्म, ॐ प्रियन्ताम’ के पवित्र मंत्रोच्चार से पूरा नगर भक्तिमय हो गया। यह धार्मिक अनुष्ठान 22 अप्रैल को शुरू हुआ था और रविवार को शिखर पर कलश स्थापना और ध्वजा फहराने के साथ संपन्न हुआ। आचार्य श्री के मुखारविंद से प्रतिष्ठा के अंतिम मंत्र पूर्ण होते ही लाभार्थी परिवारों ने प्रतिमाओं की स्थापना की। आचार्य श्री ने राणापुर संघ को दिया मंगल आशीर्वाद इस अवसर पर आचार्य श्री ने अपने संस्मरण साझा किए। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए सौभाग्य की बात है कि जिस प्रतिमा की उन्होंने कभी श्रावक के रूप में पूजा की थी, आज आचार्य पद पर रहते हुए उन्हें उसी की पुनः प्रतिष्ठा करने का अवसर मिला है। उन्होंने राणापुर संघ में सुख-शांति, समृद्धि और अटूट संगठन की शक्ति के लिए मंगल आशीर्वाद दिया। वासक्षेप पूजन और स्मृति पुस्तिका का विमोचन समारोह में संघ अध्यक्ष दिलीप सकलेचा ने स्वागत भाषण दिया। धार्मिक विधि-विधानों के तहत आचार्य श्री के वासक्षेप पूजन का लाभ मुकेश, अनिकेत और पुलकेश हरण परिवार ने लिया। काम्बली ओढाने का सौभाग्य दिनेशचंद मोहनलाल नाहर परिवार को प्राप्त हुआ। इस अवसर पर समाज के वरिष्ठजनों ने एक स्मृति पुस्तिका का विमोचन भी किया। समाज ने महोत्सव के लिए अपना निजी गार्डन उपलब्ध कराने वाले नटवरलाल और महेशचंद्र हरसोला का आभार व्यक्त किया। संपूर्ण महोत्सव के दौरान भोजन की व्यवस्था का लाभ लेने वाले शैलेष सेठ का भी विशेष सम्मान किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन सुरेश समीर ने किया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे।



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