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Anuppur News:अनूपपुर जिले के कोतमा थाना क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 13 स्थित लहसुई कैम्प में बनी पानी टंकी इन दिनों गंभीर खतरे का संभावना बनती जा रही है. यहां लगभग 25 से 30 वर्ष पुरानी टंकी पूरी तरह जर्जर अवस्था में पहुंच चुकी है, जिससे किसी भी समय बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है. इसी टंकी के माध्यम से करीब 300 से अधिक परिवारों को पेयजल आपूर्ति की जाती है.
अनूपपुर में जर्जर पानी टंकी
अनूपपुर जिले के कोतमा थाना क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 13 स्थित लहसुई कैम्प में बनी पानी टंकी इन दिनों गंभीर खतरे का संभावना बनती जा रही है. यहां लगभग 25 से 30 वर्ष पुरानी टंकी पूरी तरह जर्जर अवस्था में पहुंच चुकी है, जिससे किसी भी समय बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है.
स्थानीय निवासियों के अनुसार, वर्षों से समुचित देखरेख और मरम्मत के अभाव में टंकी की स्थिति दिन-ब-दिन खराब होती गई है. दीवारों में दरारें उभर आई हैं. उन पर उग आए पेड़-पौधों ने इसकी मजबूती को और कमजोर कर दिया है. इतनी चिंताजनक है कि यह टंकी अब कभी भी धराशायी हो सकती है.
टंकी में करीब 300 से अधिक परिवारों को पेयजल
गौरतलब है कि इसी टंकी के माध्यम से करीब 300 से अधिक परिवारों को पेयजल आपूर्ति की जाती है. बावजूद इसके, न तो इसकी नियमित सफाई की गई और न ही समय रहते मरम्मत या पुनर्निर्माण की दिशा में कोई ठोस कदम उठाया गया।स्थानीय लोगों ने कालरी प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि दशकों से टंकी की साफ-सफाई तक नहीं हुई. जिससे न केवल ढांचा कमजोर हुआ है बल्कि जल गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं.
जर्जर पानी टंकी बनी खतरा
हाल ही में कोतमा नगर में एक चार मंजिला होटल के ढहने की घटना, जिसमें तीन लोगों की मौत और अन्य घायल हुए थे. अभी लोगों के जहन से उतरी भी नहीं है। ऐसे में इस जर्जर पानी टंकी को लेकर क्षेत्रवासियों में भय और आक्रोश दोनों देखने को मिल रहा है. स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से तत्काल इस टंकी की जांच कर उचित कार्रवाई या तो मरम्मत या फिर पुनर्निर्माण-की मांग की है, ताकि किसी बड़े हादसे से पहले ही स्थिति को नियंत्रित किया जा सके.