जब CSK रेस से होगी बाहर तब धोनी आएंगे मैदान के अंदर

जब CSK रेस से होगी बाहर तब धोनी आएंगे मैदान के अंदर


नई दिल्ली.  गुजरात टाइटंस के खिलाफ 26 अप्रैल को मिली 8 विकेट की करारी हार के बावजूद चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) सही दिशा में आगे बढ़ती दिख रही है। नई दिल्ली. इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के अपने पहले तीन मुकाबले हारने के बाद पांच बार की चैंपियन टीम ने लगातार दो जीत दर्ज कर वापसी की. इसके बाद अगले दो मैचों में एक में उन्हें सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ सिर्फ 10 रन से हार झेलनी पड़ी, जबकि मुंबई इंडियंस को 103 रन से हराकर उन्होंने दमदार प्रदर्शन किया. पिछले पांच मैचों में CSK के खेल ने टीम को आत्मविश्वास दिया है गेंदबाजी शानदार है, अगर बल्लेबाजी भी चल गई तो टीम लगातार तीन जीत दर्ज कर सकती है टूर्नामेंट में बने रहने के लिए अगला मैच जीतना जरूरी है अगर आप मुंबई को हरा सकते हैं, तो मिड-टेबल में वापसी संभव है. बाकी मैच अच्छे बल्लेबाजी विकेट पर होंगे और रुतुराज भी फॉर्म में हैं. छह में से चार मैच जीतना मुश्किल नहीं है.

गुजरात के खिलाफ मिली हार जरूर चुभेगी, खासकर इसलिए क्योंकि वह घरेलू मैदान पर आई, लेकिन कुल मिलाकर टीम का ग्राफ ऊपर की ओर जा रहा है. रुतुराज गायकवाड़ फॉर्म में लौट आए हैं. खलील अहमद के चोटिल होने के बावजूद गेंदबाजी अच्छी लय में है. हालांकि बल्लेबाजी में अभी सुधार की जरूरत है, क्योंकि मिडिल ऑर्डर अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पा रहा लेकिन उम्मीद है कि डेवॉल्ड ब्रेविस और शिवम दुबे जल्द ही फॉर्म में लौटेंगे. अब सवाल ये है कि महेंद्र सिंह लय में लौटती टीम का हिस्सा होंगे या उनको बेंच पर ही बिठाए रहेगी टीम मैनेजमेंट

अश्विन का दावा csk को धोनी की जरूरत नहीं है?

ध्यान देने वाली बात यह है कि इन सबके बीच किसी ने भी महेंद्र सिंह धोनी की कमी को बल्लेबाजी में महसूस नहीं किया. जब CSK हार रही थी, तब भी यह बात नहीं उठी कि “धोनी को नीचे आकर बल्लेबाजी करनी चाहिए. चर्चा सिर्फ उनकी रणनीतिक समझ को लेकर हुई, जिसमें उनका कोई मुकाबला नहीं है. धोनी फिलहाल पिंडली (calf) की चोट के कारण बाहर हैं. उनकी फिटनेस और वापसी को लेकर लगातार अपडेट आते रहते हैं, लेकिन हर बार उनकी वापसी टल जाती है. सच यह है कि CSK के फैंस के लिए धोनी ही टीम की पहचान हैं. फ्रेंचाइजी ने भी इसे हमेशा बनाए रखा है। लेकिन सवाल यह है कि क्या अब भी उनका खेलना टीम के लिए फायदेमंद है?

कहां खेलेंगे धोनी ?

पिछले सीजन में धोनी नंबर 9 तक बल्लेबाजी करने आए और औसतन सिर्फ 11.15 गेंदें खेलीं. अपने करियर का बड़ा हिस्सा नंबर 4-5 पर खेलने वाले खिलाड़ी का इतने नीचे आना सही नहीं लगता. धोनी का स्वर्णिम दौर करीब 10 साल पहले खत्म हो चुका है हालांकि 2019 तक वह IPL में उपयोगी रहे, लेकिन उसके बाद उनके प्रदर्शन में गिरावट आई है. फिर भी CSK, फैंस और शायद खुद धोनी भी इसे स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं. अगर CSK टूर्नामेंट से बाहर हो जाती है,तब धोनी खेल सकते हैं जब तक टीम रेस में है, जोखिम लेने की जरूरत नहीं है. मुझे अभी भी लगता है कि CSK के पास प्लेऑफ में पहुंचने का मौका है, हालांकि यह मुश्किल है.

टीम बैलेंस पर असर

एक रिपोर्ट के मुताबिक, धोनी खुद भी टीम के मौजूदा संयोजन को बिगाड़ना नहीं चाहते. अगर धोनी टीम में आते हैं, तो किसी बल्लेबाज संभवतः कार्तिक शर्मा, उर्विल पटेल या सरफराज खान को बाहर बैठना पड़ेगा. ये खिलाड़ी अलग-अलग पोजीशन पर बल्लेबाजी कर सकते हैं, लेकिन धोनी के लिए यह संभव नहीं है. अगर बल्लेबाज की जगह नहीं बदली जाती, तो फिर तेज गेंदबाज गुरजपनीत सिंह या मुकेश चौधरी को बाहर करना पड़ेगा, जिससे गेंदबाजी कमजोर हो सकती है. किसी भी स्थिति में, यह उस संतुलन को बिगाड़ सकता है जो टीम ने हाल ही में हासिल किया है. ध्यान रहे, CSK 2023 के बाद से प्लेऑफ में नहीं पहुंची है. पिछले सीजन में टीम 14 में से सिर्फ 4 मैच जीतकर 10वें स्थान पर रही थी. ऐसे में मैनेजमेंट पर दबाव होना स्वाभाविक है.
हो सकता है कि महेंद्र सिंह धोनी फिट हों, लेकिन मौजूदा हालात में उनका टीम में आना CSK के संतुलन के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है. यह कड़वा सच है कि अब धोनी टीम के लिए भावनात्मक ताकत तो हैं, लेकिन क्रिकेटिंग नजरिए से शायद उतने उपयोगी नहीं रह गए हैं.



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