अजय पटवा, उज्जैन. 29 अप्रैल 2026 की सुबह एक बार फिर बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन भक्तिमय हो उठी. ब्रह्म मुहूर्त में ज्योतिर्लिंग भगवान श्री महाकालेश्वर जी की भस्म आरती हुई और मंदिर परिसर में जय श्री महाकाल के जयकारों से माहौल गूंज गया. जो भी श्रद्धालु इस अलौकिक दृश्य का साक्षी बना, वो बस बाबा को निहारता ही रह गया. सुबह लगभग चार बजे मंदिर के पट खुले. गर्भगृह में विशेष पूजन के बाद बाबा का भस्म से अभिषेक किया गया. यह परंपरा सदियों से चली आ रही है और यही बाबा महाकाल की विशेष पहचान भी है. जैसे ही आरती शुरू हुई, ढोल-नगाड़ों और शंखनाद की ध्वनि से पूरा मंदिर परिसर गूंज उठा. मान्यता है कि श्री महाकालेश्वर जी के दर्शन मात्र से कष्टों से छुटकारा मिलता है.