राजधानी में पारा 43.7°C, 10 साल के रिकॉर्ड की बराबरी: MP के आधे हिस्से में आज बारिश का अलर्ट; भोपाल, इंदौर-उज्जैन में गर्मी रहेगी – Bhopal News

राजधानी में पारा 43.7°C, 10 साल के रिकॉर्ड की बराबरी:  MP के आधे हिस्से में आज बारिश का अलर्ट; भोपाल, इंदौर-उज्जैन में गर्मी रहेगी – Bhopal News




एमपी में आसमान से जैसे आग बरस रही है। गर्मी के तीखे तेवर हैं। बुधवार को भोपाल में पारा 43.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। सीजन का सबसे गर्म दिन रहने के साथ 10 साल के रिकॉर्ड की बराबरी भी कर ली। वहीं, अब तक सबसे ‘हॉट’ खजुराहो में पारे में गिरावट हुई। अगले 3 से 4 दिन हीट वेव यानी, लू से राहत मिलने की संभावना है। IMD (मौसम केंद्र) भोपाल ने गुरुवार को लू का अलर्ट जारी नहीं किया है। जिन जिलों में गरज-चमक और बारिश होने का अनुमान है, उनमें ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, राजगढ़, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर, सागर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा शामिल हैं। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के ऊपर एक साइक्लोनिक सकुर्लेशन (चक्रवात) एक्टिव है। वहीं, बीच में से ट्रफ गुजर रही है। इसकी वजह से मौसम बदला रहेगा। वहीं, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, कटनी, मैहर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, नरसिंहपुर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, सीहोर, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, देवास, शाजापुर, खरगोन, बड़वानी, धार, रतलाम, झाबुआ और अलीराजपुर में गर्मी का दौर बना रहेगा। सीधी प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा बुधवार को सीधी प्रदेश में सबसे गर्म रहा। अधिकतम तापमान 43.8 डिग्री तक पहुंच गया। रायसेन में 43.6 डिग्री, नरसिंहपुर-खंडवा में 43 डिग्री, सतना में 42.9 डिग्री, टीकमगढ़ में 42.6 डिग्री, नौगांव-रीवा में 42.5 डिग्री, श्योपुर, दमोह-मंडला में तापमान 42 डिग्री दर्ज किया गया। प्रदेश के 5 बड़े शहरों में भोपाल में पारा 43.7 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। इंदौर में 40.1 डिग्री, ग्वालियर में 39.4 डिग्री, उज्जैन में 40 डिग्री और जबलपुर में तापमान 40.8 डिग्री रहा। भोपाल में ऐसे हुई रिकॉर्ड की बराबरी भोपाल में अप्रैल महीने में साल 2016 से 2025 के बीच सिर्फ एक बार ही तापमान 43.7 डिग्री रहा है, जो 30 अप्रैल 2019 को दर्ज किया गया था। इसके बाद बुधवार को इतना तापमान रहा। अप्रैल की गर्मी का ओवरऑल रिकॉर्ड 44.4 डिग्री है, जो 29 अप्रैल 1996 को बना था। 2 मई को नया सिस्टम मौसम विभाग की माने तो 2 मई से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक्टिव हो रहा है। इसका असर प्रदेश में देखने को मिल सकता है। दिन में जरूरी होने पर ही निकले लोग प्रदेश में लू के अलर्ट के बीच मौसम विभाग ने लोगों को चेताया है कि दोपहर 12 से 3 बजे के बीच जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकले। इसी समय लू का असर सबसे ज्यादा रहता है। भोपाल में गर्मी का असर बरकरार रहेगा। तस्वीरों में, गर्मी का हाल… देवास में कूलर लगाकर निकाली बारात इससे पहले मंगलवार को देवास शहर में गर्मी से बारातियों को बचाने का अनोखा नजारा देखने को मिला। शहर के सुरेश पोहह्मवाला के सुपुत्र अंकित गुप्ता का बाना अनोखे अंदाज में निकाला गया। तेज धूप और गर्मी से बचाने के लिए छोटी ट्रालियों पर बारातियों के चारों ओर करीब 20 कूलर लगाए गए थे। इससे बारातियों को गर्मी से राहत मिली। अगले 4 दिन ऐसा रहेगा मौसम… गर्मी से बचाव के लिए एडवाइजरी गर्मी का असर बढ़ते ही मौसम विभाग ने लोगों के लिए बचाव एडवाइजरी भी जारी की है। लोगों से कहा गया है कि वे दिनभर पर्याप्त पानी पिएं और शरीर को हाइड्रेट रखें। दोपहर के समय लंबे समय तक धूप में न रहें। हलके वजन और रंग के सूती कपड़े पहनें। बच्चे और बुजुर्ग खासतौर पर अपना ध्यान रखें। अप्रैल में पड़ती है तेज गर्मी, इस बार भी ऐसा ही रहा मौसम मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह दिसंबर-जनवरी में सर्दी और जुलाई-अगस्त में सबसे ज्यादा बारिश होती है, उसी तरह गर्मी के दो प्रमुख महीने अप्रैल और मई हैं। अप्रैल में तेज गर्मी पड़ती है। इस बार भी अप्रैल के दूसरे पखवाड़े से भीषण गर्मी का दौर जारी रहा। आखिरी दिन भी तेज गर्मी का अलर्ट है। MP के 5 बड़े शहरों में अप्रैल में मौसम का ऐसा ट्रेंड… एमपी में अप्रैल के दूसरे पखवाड़े से गर्मी का असर तेज होने लगता है। महीने के आखिरी दिनों में तो तापमान रिकॉर्ड तोड़ देता है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर के 10 साल की डेटा बेस्ड स्टडी में सामने आया कि भोपाल-इंदौर में पारा 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा, जबकि जबलपुर में इसने 44 डिग्री सेल्सियस को छू लिया। ग्वालियर में तो तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। तीन साल इन शहरों में तेज गर्मी पड़ी। इस बार भी तापमान में बढ़ोतरी हुई है। भोपाल में 1996 में पड़ी थी सबसे ज्यादा गर्मी अप्रैल में गर्मी के ट्रेंड की बात करें तो भोपाल में 29 अप्रैल 1996 को अधिकतम तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस पहुंचा था। इस महीने भोपाल में बारिश-आंधी के आसार भी बनते हैं। यही कारण है कि पिछले कुछ साल से अप्रैल में बारिश का दौर चल रहा है। इस पर पारा 43 डिग्री तक पहुंच गया है। 20 अप्रैल 2013 को भोपाल में 24 घंटे के भीतर 30.8 मिमी, यानी एक इंच से ज्यादा बारिश हुई थी। वहीं, 2023 में 22.6 मिमी पानी गिरा था। इंदौर में पिछले साल गिरा था 22.3 मिमी पानी इंदौर में भी अप्रैल में पारा 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। मौसम विभाग के अनुसार, 25 अप्रैल 1958 को सर्वाधिक 44.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया था। इस महीने यहां भी मौसम में बदलाव देखने को मिलता है। गर्मी के साथ बादल छाए रहते हैं तो बौछारें भी गिरती हैं। हर साल बारिश का दौर भी बनता है। जबलपुर में तेज गर्मी का ट्रेंड, अबकी बार ऐसा ही रहा जबलपुर में अप्रैल में एक बार पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, 28 अप्रैल 1970 को दिन का तापमान 45.4 डिग्री रहा था। अप्रैल में यहां भी बारिश होने की संभावना रहती है। इस बार भी ऐसा ही मौसम है। रिकॉर्ड के अनुसार, जबलपुर में 3 अप्रैल 1935 को 24 घंटे के भीतर 50.3 मिमी बारिश हुई थी। 2023 में 20.2 मिमी पानी गिरा था। इस साल 19 अप्रैल को अधिकतम तापमान 40.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था। ग्वालियर में पड़ती है सबसे ज्यादा गर्मी ग्वालियर में अप्रैल की गर्मी का ट्रेंड बाकी शहरों से अलग रहता है। यहां ज्यादा गर्मी पड़ती है। 10 साल में यहां पारा एक बार 45 डिग्री और 3 बार 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। 28 अप्रैल 1958 को तापमान 46.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। एक दिन में सर्वाधिक बारिश होने का रिकॉर्ड वर्ष 1909 में बना था, जब 22 अप्रैल को कुल 67.6 मिमी बारिश हुई थी। इसी साल अप्रैल महीने में साढ़े 4 इंच पानी गिरा था। उज्जैन में भी गर्मी, बारिश का ट्रेंड उज्जैन में भी अप्रैल महीने में गर्मी और बारिश का ट्रेंड रहता है। 18 अप्रैल 2010 को तापमान रिकॉर्ड 45.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था। वहीं, 2014 से 2025 के बीच दो बार पारा 43 डिग्री के पार जा चुका है। पिछले साल यह रिकॉर्ड 48.8 डिग्री पहुंच चुका है, जो ओवरऑल रिकॉर्ड भी है।



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