छतरपुर का नौगांव क्यों बनता है ‘फायर सिटी’? वजह जान रह जाएंगे हैरान

छतरपुर का नौगांव क्यों बनता है ‘फायर सिटी’? वजह जान रह जाएंगे हैरान


Nowgong City Weather: छतरपुर जिले का नौगांव शहर जो अंग्रेजों द्वारा बसाई गई एक ऐतिहासिक छावनी है, जिसे 1842 के आसपास विकसित किया गया था.‌ लेकिन क्या आपको पता है एमपी में छतरपुर का नौगांव शहर ही क्यों सबसे ज्यादा तपता है? नौगांव कृषि विज्ञान केंद्र में पदस्थ कृषि मौसम वैज्ञानिक हेमंत कुमार सिन्हा लोकल 18 से बातचीत में बताते हैं कि मप्र का छतरपुर जिला जहां हर साल गर्मी में तापमान के नए रिकार्ड बनते हैं. खासकर छतरपुर जिले के नौगांव और खजुराहो में हर साल पुराना रिकॉर्ड टूटता है. हालांकि, जहां तापमान दर्ज होता है उसके 30 किमी तक वही तापमान रहता है. इसलिए जो तापमान नौगांव में है उसके आसपास 30 किमी तक वही तापमान रहता है.यहां वर्तमान में 46 डिग्री सेल्सियस पार तापमान हो रहा है. भविष्य में 48 डिग्री सेल्सियस पहुंच जाता है.

हेमंत बताते हैं कि जिले के नौगांव में तापमान बढ़ने के पीछे बहुत से कारण हैं. सबसे पहले यहां की भौगोलिक स्थिति के बारे में जान लेते हैं क्योंकि भौगोलिक स्थिति के चलते भी तापमान ज्यादा रहता है. दरअसल, भौगोलिक स्थिति के कारण ही गर्मियों में ज्यादा गर्मी और ठंड में ज्यादा ठंडी पड़ती है. गर्मी इसलिए ज्यादा पड़ती है क्योंकि कर्क रेखा (Tropic of Cancer) नौगांव से होकर गुजरती है. वहां सूर्य की किरणें सीधे पड़ती हैं जिसके कारण सूर्य की किरणों का फैलाव नहीं हो पाता है इसलिए यहां का तापमान अधिकतम रहता है.

3 प्रकार की होती है कर्क रेखा 
कर्क रेखा भारत के 8 राज्यों से होकर गुजरती है, जिनमें मध्यप्रदेश भी शामिल है. नौगांव उन खास क्षेत्रों में गिना जाता है जहां कर्क रेखा के प्रभाव के कारण गर्मी का असर स्पष्ट रूप से महसूस किया जाता है.

छतरपुर जिले के नौगांव शहर के पास कर्क रेखा गुजरती है, जो पृथ्वी की एक महत्वपूर्ण काल्पनिक रेखा है. यह रेखा उन क्षेत्रों से होकर गुजरती है जहां गर्मियों के समय सूर्य की किरणें लगभग सीधी पड़ती हैं, जिससे तापमान तेजी से बढ़ता है और गर्मी अधिक महसूस होती है. नौगांव क्षेत्र कर्क रेखा के नजदीक होने के कारण अप्रैल, मई एवं जून माह में तेज गर्मी, लू और अधिकतम तापमान देखने को मिलता है. यही वजह है कि यहां गर्मियों का असर अन्य क्षेत्रों की तुलना में ज्यादा रहता है.

ग्रेनाइट चट्टानें होती हैं गर्म 
डॉ हेमंत बताते हैं कि बसावट क चलते भी ये शहर गर्म रहता है. जिले में ग्रेनाइट चट्टान के पहाड़ हैं. ये चट्टानें जमीन के अंदर भी बसी हैं. ग्रेनाइट चट्टान की खासियत है कि ये गर्मी में जल्दी गर्म हो जाती है और ठंड में जल्दी ठंडी हो जाती है.

रेतीली मिट्टी भी होती गर्म 
साथ ही यहां जो मिट्टी पाई जाती है वह रेतीली मिट्टी होती है. ये मिट्टी भी ग्रेनाइट चट्टान के गुणों के सामान है. दरअसल, ये रेतीली मिट्टी गर्मी में जल्दी गर्म हो जाती है और ठंड में जल्दी ठंडी हो जाती है. इसलिए गर्मियों में नौगांव शहर एमपी का सबसे गर्म शहर बन जाता है.

डॉ हेमंत बताते हैं कि इसके अलावा यहां तालाब और नदी-नाले कम हैं जिसके चलते यहां के वातावरण में नमी कम रहती है. शुष्क हवाएं बनी रहती हैं और यही वो कारण हैं जो छतरपुर के नौगांव शहर को सबसे गर्म शहर बना देते हैं. साल 2025 में छतरपुर जिले के नौगांव (Naugaon) में मौसम अत्यधिक गर्म और बहुत ठंडा रहा, जो मध्य प्रदेश के सबसे चरम मौसम वाले स्थानों में से एक था.

सर्दी में भी रिकार्ड बनाता शहर 
साल के अंत में, दिसंबर 2025 के आखिरी दिनों में कोहरे का येलो अलर्ट रहा. इससे पहले, जनवरी 2026 की शुरुआत (जो 2025-26 शीतकाल का हिस्सा है) में तापमान 1.0 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया था, जिससे नौगांव सबसे ठंडा स्थान बना था.

गर्मी से बचने के लिए एडवायजरी
गर्मी का असर बढ़ते ही मौसम विभाग ने बचाव की एडवायजरी भी जारी की है. लोगों से कहा गया है कि वे दिनभर पर्याप्त पानी पिएं और शरीर को हाइड्रेट रखें. दोपहर के समय लंबे समय तक धूप में न रहें.  हल्के वजन और रंग के सूती कपड़े पहनें. बच्चे और बुजुर्ग खासतौर पर ध्यान रखें.



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