मंदसौर जिले के पिपलियामंडी में अयोध्या बस्ती स्थित 88 क्वाटर मार्ग पर शुक्रवार को एक विवाह समारोह के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब अचानक लड़ते हुए गौवंश महिलाओं के बीच घुस गए। घटना शीतला माता मंदिर से गंगोज भरकर विवाह स्थल की ओर जा रही महिलाओं के जुलूस के दौरान हुई। बताया जा रहा है कि महिलाएं सिर पर मिट्टी के कलश लेकर पारंपरिक गंगोज कार्यक्रम के तहत जा रही थीं, तभी अचानक आवारा गौवंश के बीच हुई लड़ाई का रुख जुलूस की ओर हो गया। इससे मौके पर भगदड़ मच गई और कई महिलाओं के सिर पर रखे कलश गिरकर टूट गए। घटना में दुल्हन संजना सहित कई महिलाएं घायल हो गईं। घायलों में करिश्मा पति कालूलाल, हुड़ीबाई पति रघुनाथ जी और कंचनबाई पति रंगलाल के नाम सामने आए हैं। वहीं अन्य 2-3 महिलाओं को भी मामूली चोटें आई हैं। घटना के तुरंत बाद मौजूद लोगों ने तत्परता दिखाते हुए सभी घायलों को नगर के निजी चिकित्सालय एल.एम. क्लिनिक पहुंचाया, जहां उनका उपचार जारी है। आवारा गौवंश के हमले से मचा हड़कंप
इसी घटना के संबंध में झुग्गी-झोपड़ी स्थित रैगर मोहल्ले में भी गंगोज कार्यक्रम के दौरान एक आवारा गौवंश के घुसने की जानकारी सामने आई है। गौवंश ने महिलाओं पर हमला कर दिया, जिससे कंचनबाई (40), करिश्मा (31) और हुड़ीबाई (65) घायल हो गईं। चार बेटियों की शादी के बीच हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार सुरेश नामक व्यक्ति की छह बेटियां हैं, जिनमें से चार की शादी एक साथ आयोजित की जा रही है। बारातें बड़ाकुवा, कनघट्टी, मोरवन और रामपुरा से आने वाली हैं। शादी की तैयारियों के बीच इस घटना से परिवार और मेहमानों में भय और चिंता का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। गनीमत रही कि हादसे में कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई, अन्यथा स्थिति गंभीर हो सकती थी। आवारा गौवंश पर नियंत्रण की उठी मांग
घटना के बाद स्थानीय नागरिकों और कांग्रेसजनों ने नगर में बढ़ते आवारा गौवंश के आतंक पर नाराजगी जताई। उन्होंने सीएमओ प्रवीण सेन से चर्चा कर समस्या के जल्द समाधान की मांग की है। कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर आवारा गौवंश को पकड़ने की कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन किया जाएगा। उनका कहना है कि कई बार शिकायतों के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो सका है।
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