विदिशा में धर्म, संस्कार और सिद्धांतों की दी शिक्षा: विदिशा में जिनदेशना जैन बाल-युवा शिविर शुरू; 210 से अधिक बच्चे ले रहे भाग – Vidisha News

विदिशा में धर्म, संस्कार और सिद्धांतों की दी शिक्षा:  विदिशा में जिनदेशना जैन बाल-युवा शिविर शुरू; 210 से अधिक बच्चे ले रहे भाग – Vidisha News




विदिशा में अखिल भारतीय जैन युवा फेडरेशन और अखिल भारतीय जैन महिला फेडरेशन के संयुक्त तत्वावधान में द्वितीय जिनदेशना जैन बाल-युवा शिक्षण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। किलेन्दर स्थित श्री शीतलनाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर में यह सात दिवसीय शिविर 9 मई 2026 तक चलेगा, जिसमें 210 से अधिक बच्चे भाग ले रहे हैं। शिविर की शुरुआत भगवान के प्रक्षाल अभिषेक पूजन के साथ हुई। इसके बाद प्रतिदिन शैक्षणिक कक्षाएं, सायंकालीन भक्ति और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। शिविर में ‘लघु जैन सिद्धांत प्रवेशिका’ के अंतर्गत तीन लोक के स्वरूप का विस्तृत वर्णन किया गया। बच्चों को सिद्धशिला, रत्नात्रय (सम्यक दर्शन, सम्यक ज्ञान, सम्यक चारित्र) और स्वस्तिक के प्रतीकात्मक अर्थ को सरल भाषा में समझाया गया। सर्वज्ञता के महत्व पर दिया गया जोर वक्ताओं ने बताया कि आत्मा का स्वभाव सर्वज्ञ होना है। यदि सर्वज्ञता को स्वीकार नहीं किया जाए तो संसार और मोक्ष मार्ग की प्रामाणिकता पर प्रश्न खड़े हो सकते हैं। सर्वज्ञता की सिद्धि से मिथ्यात्व का नाश होता है और सम्यक मार्ग की प्राप्ति होती है। आयोजकों के अनुसार शिविर का मुख्य उद्देश्य बच्चों और युवाओं को जैन धर्म के संस्कारों और विरासत से जोड़ना है। उन्होंने समाज के अधिक से अधिक लोगों से इस शिविर का लाभ लेने की अपील की है।



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