मंदिरों की दान पेटी में लोग सिर्फ रुपए-पैसे ही नहीं डालते, कई बार वे अपने मन की बातें, अधूरी इच्छाएं, दर्द, उम्मीदें और धन्यवाद भी भगवान के भरोसे छोड़ जाते हैं। ग्वालियर के प्रसिद्ध अचलेश्वर महादेव मंदिर में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जब दान पेटी खोली गई। नकदी के साथ ऐसी-ऐसी पर्चियां निकलीं, जिन्हें पढ़कर वहां मौजूद लोग चौंक भी गए और मुस्कुरा भी उठे। समिति के सदस्यों न दानपेटी में से निकाली पर्चियां दान पेटी की गिनती तय प्रक्रिया के तहत समिति सदस्यों और हस्ताक्षरकर्ताओं की मौजूदगी में की गई। इसमें कुल 5 लाख 29 हजार 230 रुपए निकले। चर्चा का विषय रुपए नहीं, बल्कि दान पेटी से निकले श्रद्धालुओं के संदेश बन गए। “हे प्रभु… चारों तरफ पैसा ही पैसा आ रहा है” “हे प्रभु, मैं आपका बहुत प्यारा बच्चा हूं। मुझे आपके साथ बहुत अच्छा लगता है। मेरे चारों तरफ पैसा ही पैसा आ रहा है। इसके लिए आपका तहेदिल से धन्यवाद।” सबसे ज्यादा चर्चा एक ऐसी पर्ची की रही, जिसमें किसी व्यक्ति ने भगवान को धन्यवाद दिया है। बताया जा रहा है कि यह पर्ची किसी सट्टे से जुड़े व्यक्ति की हो सकती है, क्योंकि इसके साथ तारीखवार नंबर भी लिखे मिले। पर्ची पढ़ते ही लोग पहले हैरान हुए, फिर बोले—“भोलेनाथ की महिमा अपरंपार।” एक युवती ने अपनी पर्ची में भोलेनाथ से गुहार लगाई- “हे भगवान, मेरी शादी जल्दी हो जाए। हमारी शादी में आ रही सभी रुकावटें दूर हो जाएं। घर वाले मान जाएं।” उसने शनि दोष दूर करने और अपने रिश्ते को मंजिल तक पहुंचाने की प्रार्थना भी की। बेटी की शादी होने पर धन्यवाद एक अन्य गुमनाम श्रद्धालु ने भगवान को धन्यवाद देते हुए लिखा कि 2026 में बेटी की शादी अच्छे घर और अच्छे लड़के से हो गई। यह पर्ची पढ़कर कई लोगों ने कहा—“जब मनोकामना पूरी होती है, तो लोग धन्यवाद देना नहीं भूलते।” “अब किसी के बारे में गलत नहीं बोलूंगा” दान पेटी से निकली एक भावुक पर्ची में किसी व्यक्ति ने अपनी गलतियों के लिए क्षमा मांगी और संकल्प लिया- “अब मैं किसी के बारे में गलत नहीं बोलूंगा, न सोचूंगा, और चुप रहने की आदत डालूंगा।” बचपन की सहेली के नाम मिली डायरी दान पेटी से एक छोटी डायरी भी मिली, जिसमें किसी युवती ने अपनी बचपन की सहेली को याद करते हुए कई बातें लिखीं। साथ ही उसके सफल डॉक्टर बनने की प्रार्थना भी की गई थी। नौकरी, परीक्षा और परिवार के लिए भी गुहार दान पेटी से कई और पर्चियां भी निकलीं, जिनमें नौकरी लगने, परीक्षा में पास होने, घर के झगड़े खत्म होने और पारिवारिक सुख-शांति की प्रार्थनाएं लिखी थीं। इसके अलावा विदेशी करेंसी, चांदी के सिक्के और नाग-नागिन के जोड़े भी मिले। दान पेटी नहीं, लोगों के दिल का आईना अचलेश्वर महादेव मंदिर की दान पेटी इस बार सिर्फ चढ़ावे का पात्र नहीं रही, बल्कि लोगों की उम्मीदों, परेशानियों, प्रेम, पछतावे और विश्वास का आईना बन गई। यहां रुपए से ज्यादा लोगों की भावनाएं गिनी गईं।
Source link