शाहरुख खान के लिए आसान नहीं था पृथ्वीराज चौहान की तलवार उठाना, रोचक किस्सा

शाहरुख खान के लिए आसान नहीं था पृथ्वीराज चौहान की तलवार उठाना, रोचक किस्सा


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Rewa News: शाहरुख खान की कोशिशों के बाद राजपरिवार तलवार देने के लिए राजी हो गया. जब शूटिंग शुरू हुई और किंग खान ने उस शाही तलवार को उठाया, तो उन्हें बड़ी मुश्किल हुई. शूटिंग खत्म होने के बाद मेकर्स ने रीवा राजघराने को उनकी शाही तलवार लौटा दी.

रीवा. मध्य प्रदेश का रीवा जिला कभी बघेल राजवंश की रियासत हुआ करती थी. विशाल सेना, खतरनाक हथियार, हाथी-घोड़े, बाघ और प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर यह रियासत आक्रमणकारियों से दूर सुरक्षित थी. आज भी रीवा किले में राजघराने के हथियार जैसे- तोप, बंदूक, तलवार बघेला म्यूजियम में सुरक्षित हैं. बॉलीवुड फिल्म अशोका में भी रीवा राजघराने की शाही तलवार का इस्तेमाल हुआ था और उसके पीछे भी एक दिलचस्प किस्सा है. दरअसल एमपी के बांधवगढ़ के बाद रीवा को बघेल राजाओं ने अपनी राजधानी बनाई थी. तभी से रीवा और यहां के सौंदर्य को ऐतिहासिक रूप से पहचान मिली. बघेल राजाओं ने रीवा में विशाल सेना तैयार की. इस सेना के पास खतरनाक हथियार थे. इन हथियारों में तोप, तलवार, ढाल और बंदूकें थीं. साथ ही हाथी, घोड़े और बाघ भी थे. रीवा के बघेला म्यूजियम में अब भी बहुत सी चीजों को सहेजकर रखा गया है, जो दुर्लभ हैं. उन वस्तुओं में एक शाही तलवार भी है, जिसका इस्तेमाल बॉलीवुड की फिल्मों में भी किया गया है.

इतिहासकार असद खान ने लोकल 18 को बताया कि रीवा किले में कई ऐसी तलवारें आज भी मौजूद हैं, जो अद्भुत और नायाब थीं, जिनकी तुलना भारत में किसी अन्य तलवार से नहीं की जा सकती है. रीवा की महारानी प्रवीण कुमारी कच्छ की राजकुमारी थीं. उनका विवाह रीवा के राजकुमार मार्तंड सिंह से हुआ था. महारानी प्रवीण कुमारी का ननिहाल राजस्थान के सिंहावल में था. वहां के महाराजा के पास पृथ्वीराज चौहान की तलवार मौजूद थी, जो राजकुमारी प्रवीण के विवाह में उपहार स्वरूप भेंट की गई थी. रीवा रियासत की महारानी प्रवीण कुमारी इस तलवार की पूजा किया करती थीं.

अशोका फिल्म में दिखी शाही तलवार
वह आगे बताते हैं कि 26 अक्टूबर 2001 को शाहरुख खान और करीना कपूर की फिल्म अशोका रिलीज हुई थी. यह फिल्म मौर्य साम्राज्य के सम्राट अशोक के जीवन पर थी. उस दौर में यह फिल्म 13 करोड़ रुपये की लागत से बनकर तैयार हुई थी. इस फिल्म की कुछ शूटिंग जबलपुर के भेड़ाघाट में भी हुई थी. फिल्म में सम्राट अशोक और उसके साम्राज्य के बारे में दिखाना था. शाहरुख खान और उनकी टीम राजा-महाराजा की शाही तलवार की तलाश में थी, जो अशोक के किरदार के साथ फिट बैठे. उन्हें पता चला कि रीवा रियासत के बघेला म्यूजियम में पुरानी तलवारों का संग्रह है. रीवा की शाही तलवार बेहद धारदार और वजनी है. ऐसी तलवारें जिनसे एक झटके में दुश्मन के सिर को अलग किया जा सकता है.

शाहरुख खान के लिए मुश्किल हो गया तलवार उठाना
असद खान बताते हैं कि फिल्ममेकर्स ने राजपरिवार से उनकी शाही तलवार का इस्तेमाल फिल्म में करने के लिए आग्रह किया था लेकिन तब राज परिवार ने आग्रह को गंभीरता से नहीं लिया लेकिन रीवा के बघेला म्यूजियम में रखी शाही तलवार शाहरुख खान को इतनी पसंद आई कि उन्होंने इसका फिल्म में उपयोग करने के लिए तब के मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री और रीवा रियासत के राजा पुष्पराज सिंह को खुद फोन कर इजाजत मांगी थी. किंग खान की कोशिशों के बाद राजपरिवार ऐसा करने के लिए राजी हो गया. जब शूटिंग शुरू हुई और शाहरुख खान ने उस शाही तलवार को उठाया, तो उन्हें बड़ी मुश्किल हुई. शूटिंग पूरी होने के बाद मेकर्स ने रीवा राजघराने को उनकी शाही तलवार लौटा दी थी. वो नायाब तलवार अब भी बघेला म्यूजियम में रखी है.

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Rahul Singh

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.



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