- Hindi News
- Local
- Mp
- Gwalior
- Navratri From Tomorrow, Two Days Of Ghatasthapana Between 7.46 To 12.29, The Agrasen Jayanti Festival Will Begin With Ghatasthapana
ग्वालियर17 मिनट पहले
- कॉपी लिंक
शारदेय नवरात्र का प्रारंभ 17 अक्टूबर शनिवार को चित्रा नक्षत्र में होगा। इसी दिन भगवान भास्कर अपनी मित्र राशि कन्या से प्रात: 7.04 बजे अपनी नीच राशि तुला में 1 माह के लिए प्रवेश करेंगे। घटस्थापना के साथ ही अग्रसेन जयंती का उत्सव भी मनाया जाएगा। पं. विजय भूषण वेदार्थी के अनुसार शनिवार को प्रात: 7.46 से 9.12 तक शुभ मुहूर्त में तथा दोपहर 11.41 से 12.29 तक अभिजित मुहूर्त में घट स्थापना की जाएगी। 24 अक्टूबर को दुर्गानवमी महोत्सव मनाया जाएगा। 25 अक्टूबर को विजयादशमी (दशहरा) मनाया जाएगा। प्रतिपदा से लेकर नवमी तक किसी भी तिथि का क्षय नहीं है। लेकिन 24 अक्टूबर को दुर्गानवमीं होने के कारण नवरात्र 8 दिन के होंगे।
दुर्गाअष्टमी 23 अक्टूबर को नहीं होगी। क्योंकि 23 अक्टूबर को अष्टमी तिथि के साथ सूर्याेदय के समय सप्तमी का संपर्क होने से यहां दुर्गाष्टमी का व्रत नहीं किया जा सकता है, क्योंकि यह व्रत सप्तमीयुता तिथि में मान्य नहीं है, 24 अक्टूबर को सूर्योदय पश्चात अष्टमी एक घटी से अधिक होने के कारण यह व्रत 24 अक्टूबर को किया जाएगा। विजयादशमी पर्व के बारे में शास्त्र व्यवस्था यह है कि यह व्रत अपराह्न व्यापिनी अश्विन शुक्ल दशमी के दिन मनाया जाता है। इस वर्ष 25 अक्टूबर रविवार को दशमी अपराह्न व्यापिनी है और अगले दिन 26 अक्टूबर को यह त्रिमुहूर्ता तो है पर अपराह्न व्यापिनी नहीं है। शास्त्रानुसार 25 अक्टूबर को दशहरा मनाया जाएगा।
अमावस्या के साथ आज समाप्त होगा अधिकमास
अधिकमास शुक्रवार को अमावस्या के साथ समाप्त हो जाएगा। शनिवार को नवरात्र प्रारंभ होने के साथ ही त्योहारों की धूमधाम शुरू हो जाएगी। अधिक मास का पहला और आखिरी दिन शुक्रवार होना शुभ फलदायी है। इस शुक्रवार को अमावस्या का होना खास संयोग बना रहा है। इस तरह अधिक मास के आखिरी दिन भी खरीदारी का विशेष मुहूर्त रहेगा। इस दिन फर्नीचर, कपड़े और विलासिता से जुड़ी चीजों की खरीदारी करना शुभ है।
ये अश्विन महीने की दूसरी अमावस्या रहेगी, इस अमावस्या को पितरों की विशेष पूजा करने का भी विधान है। पिछले महीने यानी 17 सितंबर को सर्वपितृ अमावस्या के साथ पितृपक्ष खत्म हो गया था। आमतौर पर श्राद्धपक्ष के खत्म होते ही अगले दिन से नवरात्र शुरू हो जाते हैं, लेकिन इस बार 18 सितंबर से अधिक मास शुरू हो गया था।ज्ञात अश्विन महीने में अधिक मास होने से यह हिंदी महीना 60 दिनों का हो गया। अश्विन माह 3 सितंबर से शुरू होकर 31 अक्टूबर तक रहेगा। इस बीच 18 सितंबर से अधिक मास शुरू हो गया था। यह शुक्रवार को समाप्त हो जाएगा।