Youth who recover after treatment 3 months ago, then corona positive | 3 माह पहले इलाज के बाद ठीक होने वाला युवक फिर कोरोना पॉजिटिव

Youth who recover after treatment 3 months ago, then corona positive | 3 माह पहले इलाज के बाद ठीक होने वाला युवक फिर कोरोना पॉजिटिव


शाजापुरएक घंटा पहले

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  • 250 सैंपल की रिपोर्ट में 6 नए मरीज मिले, नए संक्रमित में 95% बिना लक्षण वाले

एक दिन पहले गुरुवार को हुई कोरोना विस्फोट में सबसे चिंता वाली बात यह कोरोना के डबल लहर आने की सामने आई है। तीन माह पहले संक्रमित मिले और क्वारेंटाइन रहकर उपचार के बाद निगेटिव रिपोर्ट आकर स्वस्थ होने वाल शुजालपुर के युवक की रिपोर्ट फिर पॉजिटिव आई। यानी एक बार संक्रमित होकर ठीक हो चुके लोगों में भी खतरा बढ़ गया। इधर, शुक्रवार को 6 नए मरीज मिले हैं।

गुरुवार को एक ही दिन में 55 नए मरीज के मिलने के बाद खतरा बढ़ गया है। हालांकि जिम्मेदारों का तर्क है कि जो लोग संक्रमित मिले हैं, वे सभी फर्स्ट कांटेक्ट के ही हैं। इनकी तबीयत खराब होने पर वे खुद ही फीवर क्लीनिक पहुंचे थे। इन लाेगों में कोरोना संबंधी लक्षण बिलकुल भी नहीं है।

लेकिन रिपोर्ट पॉजिटिव होने से ऐसे लोगों से संक्रमण फैलने का खतरा ज्यादा हो गया है। इसमें एक बात और सामने आई कि कुल 55 में 4 शाजापुर व 9 शुजालपुर शहर के निवासी हैं। बाकी सभी ग्रामीण इलाकों के लोग शामिल हैं। इससे यह साबित होता है कि ग्रामीण क्षेत्र में भी कोरोना पैर पसारने लगा है।

250 की रिपोर्ट में 6 नए पॉजिटिव, आंकड़ा 1145 पर पहुंचा
जिले से भेजे गए सैंपल में से 250 की शुक्रवार को प्राप्त हुई रिपोर्ट में 6 नए संक्रमित मिले हैं। इन्हें जोड़ने पर जिले में आंकड़ा 1145 पर पहुंच गया है। हालांकि इनमें से 979 मरीजों की रिपोर्ट निगेटिव आने पर डिस्चार्ज कर दिया। जिले में फिलहाल 148 एक्टिव केस हैं। इनमें से 122 का जिले में व 26 मरीजों को जिले से बाहर उपचार चल रहा है। अब तक 18 लोगांे की मौत हो चुकी है।

लापरवाही न करें : सामान्य सर्दी-खांसी या बुखार को भी हलके में न लें
^सामान्य सर्दी खांसी व बुखार आने पर आम तौर पर लाेग मेडिकल से दवाई ले लेते हैं लेकिन कोरोना के खतरे के बीच ऐसा करना बड़ी लापरवाही साबित हो सकती है। ऐसी ही गलतियों के कारण अक्टूबर माह में मौत का आंकड़ा बढ़ रहा है। लोग कई दिनों तक मेडिकल से सामान्य बुखार या सर्दी खांसी का दवाई लेते रहते हैं। बाद में ज्यादा हालत खराब होने पर अस्पताल पहुंचते हैं। तब तक संक्रमण हावी हो जाता है और पॉजिटिव पहचान होने के दो चार दिन में ही लोगों की मौत होने लगी है।
– जूही गर्ग, डिप्टी कलेक्टर व कोविड-19 की नोडल



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