खरगोन21 घंटे पहले
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- टंट्या मामा की प्रस्तावित मूर्ति को हटाया, धरने पर बैठे तो अफसरों ने दिया आश्वासन
बिस्टान नाका पर प्रस्तावित टंट्या मामा की प्रस्तावित मूर्ति को प्रशासन ने रात में हटाया। इसके विरोध में शुक्रवार को आदिवासी समाज के लोगोें ने मूर्ति स्थल के पास धरना दे दिया। एसडीएम सत्येंद्रसिंह ने उन्हें आश्वासन दिया है। इसके बाद धरना खत्म हुआ। प्रशासन ने तीन अन्य चौराहों के पोस्टल बैनर हटा दिए हैं। बिस्टान नाका क्षेत्र में शुक्रवार को सुबह टंट्या मामा की प्रस्तावित मूर्ति स्थल नहीं दिखा तो आदिवासी समाज के लोगों ने धरना दे दिया। दोपहर के बाद एसडीएम पहुंचे। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ अफसरों को प्रस्ताव भेजेंगे। इसके बाद धरना खत्म हुआ। इसके अलावा बावड़ी बस स्टैंड से महाराणा प्रताप, औरंगपुरा चौराहे से सरदार पटेल व राधावल्लभ मार्केट से परशुराम की प्रस्तावित मूर्ति स्थल से पोस्टर हटाए। एसडीएम ने बताया कि राधावल्लभ मार्केट से परशुराम चौराहे की शुरूआत हुई थी। यहां पोस्टर हटाने को कहा था, लेकिन समाजजनों ने नहीं हटाया। इसके बाद अन्य चौराहों पर भी पोस्टर लगा दिए। सभी समाज के वरिष्ठ लोगों को बुलाकर समझाइश दी है।
टंट्या मामा भील की प्रतिमा हटाने पर विरोध
बडवाह | मूल निवासी आदिवासी समाज के गौरव खरगोन जिले के निवासी ग्राम कोटड़ा के परम आदरणीय महान क्रांतिकारी टंट्या भील मामा की प्रतिक स्वरूप प्रतिमा विगत दिनों अजाक्स व सामाजिक संगठनों ने बिस्टान रोड नाके के चौराहे पर स्थापित की गई थी। जिसकी अनुमति के लिए प्रशासन को आवेदन भी किया लेकिन प्रतीक स्वरूप प्रतिमा 15 अक्टूबर गुरुवार रात में असामजिक तत्वों ने हटा दी। जिसमें अनुसूचित जाति जनजाति समाज में आक्रोश है। विरोध स्वरूप अजाक्स संघ व अजा अजजा समाजिक संगठन बड़वाह ने राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन शुक्रवार शाम 4.30 बजे तहसीलदार विवेक सोनकर को सौंपा। साथ ही आस्था के केंद्र व प्रेरणा स्त्रोत टंट्या मामा भील की प्रतिमा स्थापित करने की अनुमति दी जाए अन्यथा उग्र आंदोलन किया जाएगा। इसके पूर्व सभी सदस्य बस स्टैंड स्थित अंबेडकर पार्क में एकत्रित हुए। जहां सभी ने बाबा साहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। विरोध स्वरूप नारेबाजी भी की।