खरगोन4 घंटे पहले
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- ज्योतिनगर में बुरहानपुर से लाकर सबसे बड़ी 17 फीट की प्रतिमा स्थापित की
शनिवार को नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना हुई। मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ कम रही। ज्योतिनगर में 17 फीट ऊंची माताजी की प्रतिमा बुरहानपुर से लाकर विराजित की गई। कोरोनाकाल में नकारात्मकता दूर कर सकारात्मक ऊर्जा के लिए उत्सव मनाया जाएगा। उत्सव समिति के नीतिन मालवीय ने बताया कि 14 लोगों की टीम 3 दिन में प्रतिमा लेकर पहुंची। मुख्य प्रतिमा के अलावा तीन मिट्टी की देवी प्रतिमा व 5 पोस्टर में मातारानी का दरबार है। तीन बार सैनेटाइजेशन होगा। श्रद्धालुओं को मॉस्क देंगे। नौ दिन कोविड-19 के नियमों का पालन कर उत्सव मनाएंगे। कोरोना को लेकर शहर में चल रही निगेटिविटी को दूर करने संबंधी धार्मिक गतिविधियां होंगी।
मंदिरों में सैनेटाईज व डिस्टेंस का पालन
शहर में कुंदा किनारे कालिका माता मंदिर, बाघेश्वरी मंदिरों में पूजा अर्चना के साथ घट स्थापना हुई। सुबह व शाम को मंदिरों में नियमित आरती में कम संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। मंदिर की पूजा पाठ से ज्यादा सेवादार व पंडितों ने सैनेटाईजेशन व सोशल डिस्टेंस का पालन कराया। बाघेश्वरी मंदिर में पंडित जगदीश ठक्कर ने बताया 700 साल पुराने मंदिर में सीमित श्रद्धालुओं के साथ आरती होगी।
24वें साल जगदंबा चौक पर विराजी मां
गजानन एकता संघ ने 24वें साल में नूतनगर के जगदंबा चौक पर माताजी की प्रतिमा स्थापित की है। समिति संरक्षक कैलाश माली, आनंद पेडणेकर, गिरधारी, अध्यक्ष चौहान ने बताया शासन की गाइडलाइन के मुताबिक पूजा-आरती व दर्शन होंगे।