Breaking Even after receiving the Jabalpur massacre money, the accused had stubbornly murdered the businessman’s innocent son to hide his identity, the boy identified an accused | रुपए मिलने के बाद भी आरोपियों ने पहचान छिपाने के लिए कारोबारी के मासूम बेटे की गमछे से दम घोंटकर हत्या की थी, लड़के ने एक आरोपी को पहचान लिया था

Breaking Even after receiving the Jabalpur massacre money, the accused had stubbornly murdered the businessman’s innocent son to hide his identity, the boy identified an accused | रुपए मिलने के बाद भी आरोपियों ने पहचान छिपाने के लिए कारोबारी के मासूम बेटे की गमछे से दम घोंटकर हत्या की थी, लड़के ने एक आरोपी को पहचान लिया था


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भोपाल25 मिनट पहले

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जबलपुर में 13 साल के लड़के की हत्या आरोपियों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए की थी। पुलिस ने जुलूस निकाला।

  • दो करोड़ की मांग की थी, कारोबारी ने 8 लाख रुपए भी दे दिए थे
  • आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस को 10 टीमें लगानी पड़ी

जबलपुर में कारोबारी के 13 साल के बेटे की हत्या गमछे से गला घोंटकर की थी। कारोबारी ने 2 करोड़ की फिरौती के बदले आरोपियों को 8 लाख रुपए भी दे दिए थे, लेकिन उन्होंने अपनी पहचान छिपाने के लिए मासूम की हत्या कर दी। बच्चे ने पकड़े गए तीन आरोपियों में से एक पहचान लिया था। पुलिस ने मामले की जांच के लिए 10 टीमें लगाई थीं। पूछताछ के बाद पुलिस ने आरोपियों को जुलूस भी निकाला। इस दौरान आरोपी कहते रहे- अपराध करना पापा है।

पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के लिए 10 टीमें लगाई थीं।

पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के लिए 10 टीमें लगाई थीं।

संजीवनी नगर थाना पुलिस के अनुसार धनवंतरी नगर में रहने वाले ट्रांसपोर्ट एवं पत्थरों की डीलिंग का व्यवसाय करने वाले मुकेश लांबा ने 15 अक्टूबर की शाम सवा 6 बजे 13 साल के बेटे आदित्य के घर के पास से गायब होने की शिकायत की थी। उन्होंने बताया कि वह अपनी मां से पचास रुपए लेकर चिप्स का पैकिट लेने गया था, लेकिन फिर वह नहीं लौटा। कुछ देर बाद उनकी पत्नी के फोन पर कॉल आया कि उनका बच्चा उनके पास है।

तुम दो करोड़ रुपयों की व्यवस्था कर लो। पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज किया था। मुकेश ने पुलिस के कहने पर जाल बिछाकर आरोपियों को 8 लाख रुपए पहुंचाए। रुपए देने के बाद भी जब आदित्य नहीं लौटा तो पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपियों को पकड़ लिया। उनकी पहचान 30 साल के राहुल विश्वकर्मा पिता राजेन्द्र विश्वकर्मा, 25 साल के मलय राय पिता धर्मेंद्र कुमार राय और 24 साल के करण जग्गी पिता मनोहर जग्गी के रूप में हुई।

आरोपियों का खुलासा
राहुल ने बताया कि 15 अक्टूबर को रैकी करने पहुंचे। आदित्य सामने ही दिख गया। उन्होंने उससे कहा कि मुकेश का घर कहां हैं। हम उनके दोस्त हैं। बातों में फंसाकर वे आदित्य कार से ले गए। इसके बाद उन्होंने उसकी मां को फोन कर 2 करोड़ रुपयों की मांग की। इसके लिए उन्होंने लूट के फोन का उपयोग किया। इसके बाद वे बच्चे को कार में बरोदा तिराहा, पनागर क्षेत्र में घुमाते रहे। उसे ढाबे में खाना भी खिलाया। अगले दिन सुबह महाराजपुर अधारताल पहुंचे तथा राहुल उर्फ मोनू विश्वकर्मा के घर के बाजू में खाली पड़े मकान में आदित्य को ले गए। एक अल्टो कार किराए पर ली। दोपहर में दोबारा अल्टो कार में बैठाकर कुंडम बघराजी क्षेत्र में घुमाते रहे। रास्ते में एक होटल में समोसा खाए एवं खिलाए उसी दौरान आदित्य ने राहुल विश्वकर्मा उर्फ मोनू से कहा कि ‘अरे अंकल मैं तो आपको जानता हूं। एक बार एक अंकल के साथ घर आए थे।’ आदित्य द्वारा पहचानने की बात सुनते ही तीनों ने उसकी हत्या की योजना बनाई। शाम को महाराजपुर पहुंचे एवं करण को छोड़कर राहुल एवं मलय अल्टो कार में बैठाकर आदित्य को पनागर के आगे जलगांव ले गए। यहां पर आदित्य से यह कहलवाते हुए कि‘पापा आ जाओ’ रिकार्डिंग की। इसके बाद उन्होंने आदित्य का हाथ व गमछे से मुंह दबा दिया। कुछ ही देर में उसकी सांसें थम गई। उन्होंने उसका शव नहर में फेंक दिया। इसके बाद उन्होंने मुकेश से 8 लाख रुपए ले लिए। पुलिस ने आरोपियों से रुपए भी जब्त कर लिए हैं।



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