42 lakh sports field does not have the skill of the player, animals make health | 42 लाख के खेल मैदान में खिलाड़ी का हुनर नहीं, जानवरों की बनती है सेहत

42 lakh sports field does not have the skill of the player, animals make health | 42 लाख के खेल मैदान में खिलाड़ी का हुनर नहीं, जानवरों की बनती है सेहत


बीनाएक घंटा पहले

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  • 4 साल पहले हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में बनाए मैदान में एक दिन भी नहीं दिखे खिलाड़ी

शहर में खिलाड़ियों की कमी नहीं है। यहां के खिलाड़ी इंडियन रेलवे की तरफ से हॉकी में रणजी ट्रॉफी तक खेल चुके हैं। वहीं अन्य खिलाड़ी देश के कई बड़े शहरों में अपनी हॉकी के जादू का हुनर बिखेर चुके हैं। ऐसे शहर में स्थानीय खिलाड़ियों को खेलने के लिए सर्व सुविधा युक्त एक भी खेल मैदान नहीं है। जिससे वह अपने हुनर को निखार सकें और देश-विदेश में खेल कर अपने शहर का नाम रोशन कर सकें।

इस मैदान में आज तक नहीं खेले खिलाड़ी

शहर में खेल मैदान न होने के कारण खिलाड़ियों की मांग को देखते हुए करीब 5 साल पहले राजीव गांधी वार्ड स्थित हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में युवा कल्याण विभाग सागर के द्वारा 42 लाख की लागत से खेल मैदान तैयार गया था। जिसका लोकार्पण 15 सितंबर 2016 को विधायक महेश राय, पूर्व नपा अध्यक्ष नीतू राय सहित अन्य के द्वारा किया गया था। जिसमें खेल मैदान के नाम पर केबल चारों तरफ बाउंड्री वाॅल खड़ी की गई थी।

मैदान की लेवलिंग न होने के कारण मैदान ऊबड़-खाबड़ होने एवं बड़ी-बड़ी झाड़ियां उग आने के कारण इस खेल मैदान में इन सालों में खिलाड़ी मैदान में खेलने के लिए नहीं पहुंचे और न ही कोई टूर्नामेंट का आयोजन हो सका। इसके अलावा खेल मैदान में रास्ता बना कर किसान अपने खेत पर जाते हैं और वह अपने वाहनों को भी मैदान से ही लेकर निकलते है। साथ ही दिन भर मैदान में पालतू जानवर घास चरने के लिए डेरा जमाए रहते हैं। 42 लाख खर्च करने के बाद भी खिलाड़ियों को कोई लाभ नहीं मिल रहा है बावजूद स्थानीय प्रशासन और जन प्रतिनिधि मौन हैं।

आरपीएफ मैदान ही खिलाड़ियों का सहारा

शहर के खिलाड़ियों को खेलने के रेलवे का आरपीएफ ग्राउंड ही एक सहारा है, वह भी खराब होने लगा है। लेकिन हाल ही में रेलवे के द्वारा बाउंड्री वाॅल का सुधार कार्य करवा रही है। रेलवे सहित शहर से बड़ी संख्या में युवा खिलाड़ी इस मैदान पर हॉकी, क्रिकेट एवं रनिंग करने के लिए आते हैं। इसके अलावा इसी ग्राउंड पर खेलने वाले कई खिलाड़ी दूसरे राज्यों में जाकर खेल चुके हैं। इसके बावजूद यहां पर सर्व-सुविधा युक्त खेल मैदान नहीं होने से खिलाड़ियों को कई बार निराश होना पड़ता है।

जल्द ही समस्या का निपटारा किया जाएगा

मामला हमारी जानकारी में है। मैदान में कोई रास्ते को लेकर ईश्यू है। नजूल आरआई के साथ जल्द ही खेल मैदान का निरीक्षण कर निपटारा किया जाएगा।
-अमृता गर्ग, एसडीएम



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