कलेक्टर ने नए नियम तय कर दिए हैं.
कलेक्टर मनीष सिंह का कहना है कि शहर में बैंड और शहनाई बजाने वालों को कड़ी शर्तों के साथ अनुमति दी गई है.
10 दिन ही बचा शादियों का सीजन
शादी विवाह के सीजन में महीनों पहले से बैंड पार्टियों की बुकिंग हो जाती है, लेकिन लॉकडाउन के चलते कई लोगों ने बिना बैंड बाजे के ही शादी कर ली. इससे बैंड बालों की दिक्कतें बढ़ गई. इनके पास कोई दूसरा व्यवसाय न होने पर परिवार के भरण-पोषण करने के भी लाले पड़ गए. ऐसे में इन्हें लॉकडाउन खुलने की आस थी, लेकिन लॉकडाउन खुलने के 20 दिनों से ये प्रशासन के चक्कर काट रहे थे तब जाकर अब इन्हें परमीशन मिली है. बैंड बजाने वालों का कहना है कि पिछले तीन महिने से शादी विवाह का सीजन चल रहा है. अब सिर्फ 10 दिन ही शादी के सीजन के बचे है. ऐसे में वो बची हुईं शादियों में बैंड बजाकर कुछ दिनों की रोजी-रोटी की व्यवस्था तो कर लेंगे, लेकिन साल भर घर कैसे चलेगा इसकी चिंता सता रही है. पिछले करीब 90 दिनों से लॉकडाउन के चलते उनकी आर्थिक स्थिति बेपटरी हो गई है. बैंड बजाने वाले सैकड़ों कलाकारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है.
ये भी पढ़ें: दिल्ली: CBI अफसर बनकर करते थे लूट, फिर Goa में होती थी मस्ती, दबोची गई ‘नकली पुलिस’10 लोग ही रहेंगे बैंड बजाने वाले
कलेक्टर मनीष सिंह का कहना है कि शहर में बैंड और शहनाई बजाने वालों को कड़ी शर्तों के साथ अनुमति दी गई है. वे सीमित संख्या में विवाह कार्यक्रमों में सम्मिलित हो सकेंगे. दस की संख्या में बैंड बजाने वाले और एक शहनाई बजाने वाला होंगा. उन्हें सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के साथ ही निर्धारित शर्तों और एसओपी का पालन करना जरूरी होगा.
First published: June 20, 2020, 10:01 PM IST