नरवर20 घंटे पहले
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हरि मां के निधन का सदमा बर्दाश्त नहीं कर सके और मां के निधन के 1 घंटे बाद उनकी भी मौत हो गई।
- जिसकी कोख से जन्म लिया, उसी के साये में पला-बढ़ा और दुनिया से विदाई के वक्त भी संसार से साथ विदा हुए
- रात में मां-बेटे का एक साथ निधन, साथ ही किया गया दोनों का अंतिम संस्कार
एक दिन पहले मां-बेटे ने साथ मालपुए खाए। अगले दिन रात में अचानक मां को सांस लेने में तकलीफ हुई और उनकी मौत हो गई। बेटा मां से बिछड़ने का गम सह नहीं सका और 1 घंटे बाद उसकी भी तबीयत बिगड़ी और संसार से विदा हो गया। जिस मां ने बेटे को जीवन भर स्नेह दिया, उस मां के साथ बेटे की अंतिम चिता भी साथ जली। मगरोनी के पूर्व सरपंच 67 साल के हरिसिंह राजपूत और उनकी 87 साल की मां कमला देवी ने गुरुवार की रात अपने मनपसंद व्यंजन मालपुओं का साथ साथ स्वाद लिया। शुक्रवार रात 10 बजे अचानक मां कमला देवी को सांस लेने में तकलीफ हुई और वह हमेशा के लिए संसार से विदा हो गई। चूंकि बेटे हरि सिंह राजपूत की अपनी मां कमला देवी से बचपन से ही निकटता रही।
6 भाइयों में सबसे बड़े हरि सिंह से मां का विशेष लगाव होने से दाेनाें का अधिकांश समय साथ गुजारता था। यही नहीं मां से अत्यधिक लगाव की वजह से बेटा हरि सिंह गांव से बाहर भी नहीं जाते थे। क्योंकि मां उनके बिना नहीं रह पाती थी। ऐसे में मां के निधन का समाचार जैसे ही बेटे हरिसिंह को मिला, वह इस सदमा काे बर्दाश्त नहीं कर सका और अचानक उसे भी सांस लेने में तकलीफ हुई और वह भी संसार से 1 घंटे के अंदर ही विदा होकर अपनी मां के पास पहुंच गए।
मां दो बार पंच रही और बेटा तीन बार गांव का सरपंच रहा
मगरोनी के पूर्व सरपंच रहे बेटे हरि सिंह तीन बार गांव के सरपंच रहे और उनकी मां कमला देवी 2 बार गांव की पंच चुनी गई। चाहे खाना पीना हो या रीति रिवाज निभाना, या फिर गांव की पंचायत के फैसले करना हो। मां की सलाह से ही बेटा कोई निर्णय लेता था।
शोक में अग्रवाल समाज ने शरद पूर्णिमा का जुलूस पूर्व सरपंच के घर नहीं रोका
चूंकि शुक्रवार रात में मां-बेटे के निधन हो जाने के बाद शनिवार को उनका अंतिम संस्कार एक साथ किया गया। खास बात यह है कि शनिवार को शरद पूर्णिमा थी और अग्रवाल समाज शरद पूर्णिमा पर जुलूस निकालता है। वह पूर्व सरपंच के घर के बाहर विश्राम के लिए प्रतिवर्ष रुकता है लेकिन शनिवार को अग्रवाल समाज ने शोक के चलते पहली बार वहां चल समारोह को नहीं रोका। इस तरह से उन्होंने अपनी शोक संवेदनाएं परिवार के प्रति व्यक्त कीं।