विश्वविद्यालय में बवाल: सागर में मांगों को लेकर छात्रों ने हरीसिंह गौर यूनिविर्सटी के मेन गेट पर जड़ा ताला, 2 घंटे तक प्रदर्शन

विश्वविद्यालय में बवाल: सागर में मांगों को लेकर छात्रों ने हरीसिंह गौर यूनिविर्सटी के मेन गेट पर जड़ा ताला, 2 घंटे तक प्रदर्शन


सागर5 घंटे पहले

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प्रदर्शन के दौरान छात्र गेट पर चढ़ गए।

  • ऑफलाइन काउंसिलिंग, एमटेक पेपर का निराकरण व प्रोविजनल प्रवेश की तारीख बढ़ाने को लेकर दिया ज्ञापन

डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविधालय में शुक्रवार को विद्यार्थियों ने चार सूत्रीय मांगों को लेकर मेन गेट पर ताला जड़ दिया। इसके चलते मेन ऑफिस में करीब 2 घंटे तक कर्मचारी, शिक्षकों और विद्यार्थियों की आवाजाही रुकी रही। हालांकि इस दौरान प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों ने छात्राओं और बाहर से आए अन्य विद्यार्थियों को तो गेट से अंदर जाने दिया, लेकिन विवि के शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए उन्होंने ताला नहीं खोला।

दरअसल, विद्यार्थी कुलपति से मिलकर अपनी मांगों का मौके पर ही निराकरण कराने की जिद पर अड़े थे। उनका आरोप था कि लगातार एक माह से ज्ञापन देने के बाद भी छात्रों की समस्याओं का निराकरण नहीं किया जा रहा। उन्हें बताया गया कि कुलपति अभी छात्रों से नहीं मिल सकतीं, इसके चलते प्रदर्शन लंबा चलता रहा। इस दौरान विद्यार्थियों ने नारेबाजी भी की। छात्र शुभांक चाचोंदिया ने बताया कि बाद में कुलसचिव संतोष सोहगौरा ने विद्यार्थियों के प्रतिनिधिमंडल से मिलकर समस्याएं सुनीं और 2 दिन में निराकरण का आश्वासन दिया। ज्ञापन देने वालों में पुष्पराज पटेल, सौरभ सिंह लोधी,अमनदीप सिरोठिया, शशांक, शुवेंद्र प्रताप, मुकेश नागवानी, राज ठाकुर, विक्रम प्रजापति, निखिल, रुद्रप्रताप, , चैतन्य, सचिन, सत्यम कुर्मी, तरुण दुबे,सक्षम विश्वकर्मा, अक्षत जैन, आशु जैन आदि शामिल हैं।

ये रहीं मांगें

  • -एमटेक विषय कोड का जो प्रश्न पत्र दिया गया, उसमे प्रश्नों का विभाजन पाठ्यक्रम से भिन्न था। इस संबंध में कई बार डोआ, डीएसडब्ल्यू, एडमिशन सेल चैयरमेन को पत्र लिखा था, परंतु समाधान नहीं हुआ।
  • प्रवेश-परीक्षा के आवेदन के समय प्रवेश परीक्षा प्रकोष्ठ द्वारा जारी ब्रोशर में प्रोविशनल एडमिशन की अंतिम तारीख 30 सितंबर थी, जो प्रवेश परीक्षा होने के पूर्व समाप्त हो गई थी। इसे बढ़ाकर 30 दिसंबर करने के लिए नया ब्रोशर जारी किया जाए।
  • इस बार भी प्रवेश परीक्षा की काउंसलिंग ऑफलाइन कराई जाए, क्योंकि अधिकांश छात्र ग्रामीण क्षेत्रों से हैं, जिनके पास आधुनिक संसाधनों की कमी है। इस पर जल्दी स्थिति स्पष्ट हो।
  • बीकॉम में वर्तमान में जारी पाठ्यक्रम में स्टडी टूर / इंडस्ट्रियल विजिट का प्रावधान करें। इसी सत्र के छात्रों को टूर पर ले जाने की व्यवस्था करें।



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