उज्जैन20 घंटे पहले
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प्रशासन द्वारा उज्जैन को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने के क्रम में महाकाल मंदिर और आसपास के धार्मिक क्षेत्र में भी हस्तक्षेप किया जा रहा है। इससे साधु-संत असंतुष्ट हैं।
उनका मानना है कि उज्जैन प्राचीन तीर्थ धर्मक्षेत्र है। यहां देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु आस्था से पुण्य अर्जित करने आते हैं। यह पर्यटन नगरी नहीं बल्कि साधना और भक्ति की नगरी है। इसका विकास इसी नजरिए से होना चाहिए। चारधाम मंदिर के पीठाधीश्वर स्वामी शांतिस्वरूपानंद जी ने बताया इस मुद्दे को लेकर रविवार शाम 4 बजे मंदिर परिसर में संतों की बैठक होगी। इसमें राज्य सरकार के प्रतिनिधि के रूप में माखनसिंह चौहान भी मौजूद रहेंगे। सभी संत इस गंभीर मुद्दे पर मंथन कर अपने सुझाव देंगे।