कंप्यूटर बाबा का अवैध आश्रम जमींदोज हो चुका है.
मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार में दर्जा प्राप्त मंत्री कंप्यूटर बाबा (Computer Baba) की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं. कोर्ट ने उन्हें एक अन्य मामले में एक दिन की पुलिस हिरासत (Police Custody) में भेज दिया है.
- News18Hindi
- Last Updated:
November 16, 2020, 11:03 PM IST
जिला अभियोजन अधिकारी ने कही ये बात
जिला अभियोजन अधिकारी अकरम शेख ने बताया कि कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच नामदेव दास त्यागी (कंप्यूटर बाबा का असली नाम) को जेल से लाकर एक स्थानीय अदालत के सामने पेश किया गया था. उन्होंने बताया कि अभियोजन के आग्रह पर अदालत ने कंप्यूटर बाबा को एरोड्रम थाने में दर्ज मामले में मंगलवार तक के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया. शेख ने बताया कि शुक्रवार को दर्ज इस मामले में कंप्यूटर बाबा और उनके कुछ साथियों पर आरोप है कि उन्होंने राजेश खत्री नाम के व्यक्ति के घर में जबरन घुसकर उससे गाली-गलौज और मारपीट के साथ ही उस पर तलवार से हमले का प्रयास भी किया. इसके अलावा उन्होंने बताया कि हमने अदालत से यह कहते हुए कंप्यूटर बाबा को एरोड्रम पुलिस की हिरासत में भेजे जाने की गुहार लगाई कि पुलिस को उनकी निशानदेही पर वह तलवार बरामद करनी है जो इस अपराध में प्रयुक्त की गई थी.
There were two cases against Computer Baba. One, obstructing official work – court granted him bail. Second was about the incident of Ambikapuri ashram, wherein there was scuffle with locals – court sent him to one day Police remand: Indore Dist Prosecution Officer#MadhyaPradesh pic.twitter.com/30wmEvUqas
— ANI (@ANI) November 16, 2020
खत्री का आरोप है कि यह घटना करीब डेढ़ महीने पहले इसलिए सामने आई क्योंकि उन्होंने कंप्यूटर बाबा के अम्बिकापुरी एक्सटेंशन स्थित आश्रम में चलने वाली “अनैतिक गतिविधियों” को लेकर विवादास्पद धार्मिक नेता के सामने आपत्ति जताई थी.
दर्ज एक अन्य मामले में कम्प्यूटर बाबा को मिली जमानत
इस बीच, अदालत ने गांधी नगर पुलिस थाने में दर्ज एक अन्य मामले में कंप्यूटर बाबा को 25,000 रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दे दी. इस मामले में कंप्यूटर बाबा और उनके कुछ साथियों पर अनुसूचित जाति वर्ग से ताल्लुक रखने वाले एक ग्राम पंचायत सचिव से अभद्रता, मारपीट और गाली-गलौज करने के आरोप हैं.
आपको बता दें कि पुलिस और प्रशासन के दल ने इंदौर शहर से सटे जम्बूर्डी हप्सी गांव में सरकारी जमीन पर बने कंप्यूटर बाबा के अवैध आश्रम को आठ नवंबर को जमींदोज कर दिया था. इसके साथ ही, भाजपा और कांग्रेस की पिछली सरकारों में राज्य मंत्री के दर्जे से नवाजे गए धार्मिक नेता को दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 151 (संज्ञेय अपराध घटित होने से रोकने के लिए की जाने एहतियातन गिरफ्तारी) के तहत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था. इसके बाद उन पर गांधी नगर और एरोड्रम क्षेत्रों के पुलिस थानों में अलग-अलग कानूनी प्रावधानों के तहत दो आपराधिक मामले दर्ज किए गए थे.