बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती तूफान का असर: जबलपुर में सुबह से छाए बादल, पारा उछला, कम हुई ठंड, वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंचा

बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती तूफान का असर: जबलपुर में सुबह से छाए बादल, पारा उछला, कम हुई ठंड, वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंचा


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जबलपुर44 मिनट पहले

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ग्वारीघाट का सुबह का नजारा

  • बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती तूफान निवार का असर,बारिश का अनुमान

बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान निवार के असर से शुक्रवार को शहर का मौसम बदल गया। सुबह से ही आसमान में बादल छाए हुए हैं। बादलों के चलते ठंडी हवा का प्रभाव कम हो गया। गुरुवार रात को न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। यह सामान्य से तीन डिग्री सेल्सियस अधिक है। सुबह की आद्रता 66 प्रतिशत रही। संभाग के मलाजखंड में 0.8 मिमी बारिश भी दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार महाकौशल के बालाघाट, डिंडोरी व अनूपपुर में तेज हवाओं के साथ मध्यम वर्षा और वज्रपात की आशंका है।

बादलों ने रोकी ठंड

जबलपुर में 72 घंटे में तेजी से मौसम का मिजाज बदला। बुधवार को 10 डिग्री से नीचे रहा पारा गुरुवार को ऊपर चढ़ा। सुबह, शाम के बाद रात में पारे में उछाल आया। इसके चलते रात में भी ठंड का अहसास कम रहा। सुबह आसमान में छाए बादलों ने ठंड को रोक लिया। तूफान के असर से संभाग के कुछ जिलों में तेज हवा चल रही है। अंचल में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ हल्की वर्षा की सम्भावना है।

न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस पहुंचा
अधारताल स्थित मौसम विज्ञान केन्द्र के अनुसार बुधवार को अधिकतम तापमान 28.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 10.2 डिग्री सेल्सियस था। काले बादलों के आते ही पारे में उछाल आया। गुरुवार को अधिकतम तापमान में 0.9 और न्यूनतम तापमान में 1.4 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गई। अधिकतम तापमान 29.3 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 11.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। रात में न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया।
इधर, शहर में हवा की सेहत बिगड़ी
मौसम में परिवर्तन के साथ शहर में हवा की सेहत बिगड़ गई है। शुक्रवार सुबह 11 बजे एयर क्वालिटी इंडेक्स-एक्यूआई 360 पर पहुंच गया। यह बीते कुछ दिनों में हवा की सबसे खराब स्थिति है। हवा की सेहत को बुधवार की रात से आसमान में छाए हल्के बादल और धुंध ने प्रभावित किया। मौसम का मिजाज बदलने से हवा में घुलने वाले धूप के कण ऊपर नहीं जा पाए।
बादल व धुंध छाने से बढ़ी परेशानी
वाहनों के प्रदूषण, निर्माण कार्यों में उड़ने वाली धूल और देव एकादशी की रात हुई आतिशबाजी का दुष्प्रभाव हवा की गुणवत्ता पर पड़ा। प्रदूषण नियंत्रण मंडल में वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. एसके खरे के अनुसार बादल और धुंध छाने से धूल के कण भारी होकर नीचे रह जाते है। हवा में पीएम-2.5 की मात्रा खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है।

हवा की गुणवत्ता इस तरह बिगड़ी
समय गुरुवार को एक्यूआई शुक्रवार को एक्यूआई
सुबह 4 बजे 224 277
सुबह 7 बजे 234 310
सुबह 9 बजे 238 339
सुबह 11 बजे 242 360

एक्यूआई : रिमॉर्क : स्वास्थ्य पर प्रभाव
0-50 : गुड : अच्छा
51-100 : सामान्य: सांस लेने में मामूली समस्या। संवेदनशील लोगों को असुविधा
101-200 : मध्यम : फेफड़े, अस्थमा और दिल के रोगियों को सांस लेने में असुविधा
201-300 : खराब : लंबे समय में ज्यादातर लोगों को सांस लेने में असुविधा
301-400 : बहुत खराब: लंबे समय तक रहने पर सांस की बीमारी
401-500 : खतरनाक : स्वस्थ्य व्यक्ति प्रभावित होते है। गम्भीर रोग से पीडि़त व्यक्तियों को समस्या बढ़ती है।



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