Som distilleries director Jagdish Arora got asthma attack and brother Ajay Arora had an affair after reaching court | सोम डिस्टलरीज के डायरेक्टर जगदीश को कोर्ट में आया अस्थमा का अटैक, उसके भाई को चक्कर आए

Som distilleries director Jagdish Arora got asthma attack and brother Ajay Arora had an affair after reaching court | सोम डिस्टलरीज के डायरेक्टर जगदीश को कोर्ट में आया अस्थमा का अटैक, उसके भाई को चक्कर आए


  • जगदीश अरोरा, उनके भाई अजय अरोरा और विनय सिंह को अदालत ने 24 जुलाई तक के लिए जेल भेजा
  • 28 घंटे की लंबी पूछताछ के बाद गुरुवार को कोर्ट में पेश, सुनवाई में बताया 8 करोड़ जमा कर चुके हैं जीएसटी

दैनिक भास्कर

Jul 09, 2020, 08:47 PM IST

कीर्ति गुप्ता, भोपाल. 25 करोड़ के सैनिटाइजर को बिना टैक्स बेचने के मामले में 28 घंटे की लंबी पूछताछ के बाद आखिरकार गुरुवार को जगदीश अरोरा उनके भाई अजय अरोरा और कंपनी के विनय सिंह को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया। मजिस्ट्रेट पुष्पक पाठक की अदालत में अरोरा बंधुओं के वकील अजय गुप्ता ने बताया कि उनकी ओर से कोविड-19 शुरू होने के बाद से ही सैनिटाइजर का निर्माण किया जा रहा था और सोम ग्रुप में दो करोड़ो रुपए जीएसटी में जमा कराए गए थे और आज भी 6 करोड रुपए जीएसटी के खाते में जमा कराए गए हैं। सोम ग्रुप अब तक 8 करोड़ जीएसटी जमा कर चुका हैं। जीएसटी विभाग की ओर से कुल कितना टैक्स सोम ग्रुप को जमा कराना है इस संबंध में कोई भी जानकारी नहीं दी जा रही है।

अदालत पहुंचते ही जगदीश अरोरा को अस्थमा का अटैक
एडीपीओ गुंजन गुप्ता ने बताया कि अरोरा बंधुओं को अदालत में अस्थमा का अटैक और चक्कर आने की शिकायत मजिस्ट्रेट के सामने आई थी। इसके बाद मजिस्ट्रेट पुष्पक पाठक ने दोनों आरोपियों के मेडिकल दस्तावेज जेपी अस्पताल से तलब किए और अस्पताल के दस्तावेजों को देखने के बाद मजिस्ट्रेट ने माना कि आरोपियों को कोई भी गंभीर बीमारी नहीं है। मजिस्ट्रेट ने लिखा है कि जीएसटी का मामले में अनुसंधान चल रहा है इसलिए तीनों आरोपियों को 24 जुलाई तक केंद्रीय जेल भोपाल भेजे जाने के आदेश दिए गए। मजिस्ट्रेट पुष्पक पाठक ने आदेश में लिखा है कि आरोपियों का मेडिकल कराने के बाद ही उन्हें जेल में दाखिल कराया जाए। 

मजिस्ट्रेट कोर्ट की कार्रवाई

एडीपीओ गुंजन गुप्ता ने बताया कि वरिष्ठ सूचना अधिकारी विनीत कुमार डीजीजीआई जोनल यूनिट भोपाल द्वारा दर्ज अपराध में आरोपी जगदीश अरोरा पुत्र मोहनलाल अरोरा, अजय अरोरा पुत्र मोहनलाल अरोरा विनय कुमार सिंह पुत्र सूर्य कुमार सिंह को धारा 157, 158, 190 दंड प्रक्रिया संहिता तथा 132 एवं सह पठित धारा 69 एसटी एक्ट के तहत गिरफ्तार कर पेश किया गया है। मजिस्ट्रेट पुष्पक पाठक ने आदेश पत्रिका में लिखा है कि आरोपी जगदीश द्वारा स्वयं को चेस्ट पेन एवं उल्टी की शिकायत होना न्यायालय में बताया गया है। अन्य आरोपी अजय की ओर से भी अस्थमा और स्वयं की बाईपास सर्जरी हो चुकी है ऐसा बताया गया। जबकि आरोपी विनय कुमार सिंह ने खुद को डायबिटीज के मरीज बताया है। मजिस्ट्रेट ने लिखा कि अभियुक्त गण का भौतिक अवलोकन किए जाने पर उनके शरीर पर किसी प्रकार की कोई चोट के निशान नहीं हैं। मजिस्ट्रेट ने आरोपियों को जेल भेजते हुए आदेश दिया कि सभी का मेडिकल कराने के बाद ही उन्हें जेल में भर्ती कराया जाए।

आरोपियों को किस कोर्ट में पेश करना है इसकी जानकारी ही नहीं 
जीएसटी के अधिकारियों को नहीं मालूम था कि आरोपियों को किस कोर्ट में पेश करना है। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद अदालत पहुंचने के बाद तक जीएसटी के अधिकारियों को इस बात की जानकारी नहीं थी कि आरोपियों को किस कोर्ट में पेश करना है कुछ देर बाद आरोपियों को मजिस्ट्रेट पुष्पक पाठक की कोर्ट में पेश किया गया कोर्ट के दिशा निर्देश के चलते एक बार फिर आरोपियों को नीचे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सिस्टम के पास लाया गया यह प्रक्रिया लगभग आधे घंटे तक चलती रही। इसी बीच अरोरा बंधुओं द्वारा अस्थमा का अटैक और चक्कर आने की शिकायत की गई, जिससे गांधी हॉल में काफी भीड़ इकट्ठी हो गई। इसके बाद जेपी अस्पताल से एक एंबुलेंस भी बुलाई गई। 

वहीं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए चल रही सुनवाई के दौरान लगभग आधे घंटे तक आरोपियों के वकील कोर्ट से कनेक्ट नहीं हो पाए। कोर्ट के वीडियो कॉन्फ्रेसिंग सिस्टम में कुछ खराबी आने के बाद उसे ठीक कराया गया इसके बाद सुनवाई शुरू हुई। 

मामला एक नजर में

मालूम हो कि शराब कंपनी सोम डिस्टलरीज के संचालक जगदीश अरोरा और उनके भाई अजय अरोरा और विनय सिंह को सैनिटाइजर पर टैक्स चोरी के मामले में डायरेक्टर जनरल आफ जीएसटी इंटेलिजेंस (डीजीजीआई ) ने 28 घंटे की लंबी पूछताछ के बाद बुधवार को गिरफ्तार किया था। बुधवार रात गिरफ्तारी के बाद अरोरा बंधुओं को जेपी अस्पताल ले जाया गया था, जहां उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई थी और उन्हें आईसीयू में भर्ती कराना पड़ा था। 



Source link