कोरोना में विकास की आस: प्रौद्योगिकी मंत्री ने कहा – मप्र में जनवरी में शुरू होंगी हजारों की संख्या में नई इंडस्ट्री, एमओयू साइन नहीं, सीधा प्रोडक्शन शुरू करूंगा

कोरोना में विकास की आस: प्रौद्योगिकी मंत्री ने कहा – मप्र में जनवरी में शुरू होंगी हजारों की संख्या में नई इंडस्ट्री, एमओयू साइन नहीं, सीधा प्रोडक्शन शुरू करूंगा


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इंदौरएक घंटा पहले

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सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम एवं विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री ओमप्रकाश सखलेचा दो दिन इंदौर में रहेंगे।

सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम एवं विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री ओमप्रकाश सखलेचा शुक्रवार सुबह दो दिनी दौरे पर इंदौर पहुंचे। सकलेचा ने आईटी कंपनियों से चर्चा के बाद कहा कि इकोनॉमी में पिछले एक महीने में बहुत तेजी से परिवर्तन आया है। तीन से चार महीने बहुत तकलीफ थी, लेकिन तकलीफ को चैलेंज के रूप में आईटी और एमएसएमई कंपनियों ने लिया। मुझे यकीन है डबल कैपेसिटी से हमारी टीम आएगी। उन्होंने जनवरी में मप्र में हजारों की संख्या में नई इंडस्ट्रीज शुरू होने की बात भी की। उन्होंने कहा मैं किसी के साथ एमओयू साइन नहीं करूंगा, सीधा प्रोडक्शन शुरू करूंगा।

मंत्री सखलेचा ने आईटी कंपनियों के प्रतिनिधियों से बात की।

मंत्री सखलेचा ने आईटी कंपनियों के प्रतिनिधियों से बात की।

सखलेचा ने कहा – आईटी कंपनियों की जरूरतें, कंपनी पर कोरोना का प्रभाव, वर्क फॉम होम आदि विषयों पर बात की गई। नए आईटी पार्क बनाने को लेकर भी बात हुई। इसके अलावा अलग-अलग कलस्टरों को लेकर भी बात की गई। इसमें फर्नीचर क्लस्टर, टॉय क्लस्टर, रेडिमेड गारमेंट क्लस्टर को लेकर भी हम कुछ नया करना चाहते हैं। आत्म निर्भर भारत की पहली कड़ी है आत्म निर्भर परिवार। हम कंपनियों की आर्थिक क्षमता बढ़ाने की एक कोशिश है।

उन्होंने बताया कि नाइट कर्फ्यू के दौरान इंडस्ट्री 24 घंटे काम कर सकती है। इसमें किसी प्रकार की रोक नहीं है। इंडस्ट्री का कर्मचारी कभी भी आ जा सकता है। इंडस्ट्री को लेकर अब तक कहीं एग्जिट पॉलिसी नहीं थी। हम जल्द ही एग्जिट पॉलिसी लेकर आ रहे हैं। यह पॉलिसी बहुत जरूरी है। उद्योग नीति के नाम से आने वाली यह पॉलिसी इंडस्ट्री की आज की जरूरत को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही है। क्योंकि पहले इंडस्ट्री 50 से 100 साल की प्लानिंग के साथ लगाता था। अब टेक्नोलॉजी बहुत जल्दी बदल रही है इसी कारण इंडस्ट्री लगाने की सोच में भी काफी बदलाव आया है। आईटी सेक्टर को लेकर कहा कि इंदौर के अलावा जबलपुर में आईटी पार्क है, ग्वालियर में आईटी पार्क बन रहा है। कोरोना ने बता दिया है कि छोटे शहरों में भी आईटी कंपनियां हों। क्योंकि जहां डेंसिटी ज्यादा थी, वहां ज्यादा बीमारी फैली, जहां कम थी वहां पर बीमारी काबू में रही।



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