गाड़ियों के पंजीकरण के दौरान वाहन मालिकों को अब नॉमिनी का नाम भी देना पड़ सकता है.
राजमार्ग मंत्रालय (Ministry of Highways) ने रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) में नॉमिनी के नाम जोड़ने के लिए सुझाव मांगे हैं. इस संशोधन के लिए मंत्रालय ने ड्राफ्ट नोटिफिकेशन (Notification) भी जारी कर दिया है.
- News18Hindi
- Last Updated:
November 28, 2020, 6:17 AM IST
नॉमिनी का नाम देने से लोगों को मिलेंगी ये सुविधाएं
>>वाहनों के पंजीकरण के दौरान ही नॉमिनी नॉमिनी का नाम दर्ज कराने की व्यवस्था किया जाना है. इस व्यवस्था से अगर वाहन मालिक का किसी कारण मृत्यु हो जाती है. तो वाहन का नॉमिनी के नाम ट्रांसफर और पंजीकृत करने में आसानी होगी.
>>मोटर नियमों में संशोधन किए जाने से इन प्रावधानों पर पड़ेगा असर- नियम 47 के मुताबिक मोटर वाहनों के पंजीकरण के लिए आवेदन में नया क्लॉज़ जोड़ा जाएगा. जिसके तहत नॉमिनी के पहचान का प्रूफ दर्ज करने की व्यवस्था होगी. वाहन मालिक के पास विकल्प होगा कि वो किसे अपने गाड़ी का नॉमिनी बनाना चाहते है. >>नियम 55 और 56-मालिकाना हक का ट्रांसफर-एक अतिरिक्त क्लॉज़ जोड़ा जा सकेगा जिसके तहत अगर नॉमिनी का आइडेंटिटी प्रूफ है तो उसे मेंशन किया जा सके. और गाड़ी मालिक की अगर मौत हो जाती है तो वाहनों को ट्रांसफर करने में सहूलियत हो.
>>नियम 57- पब्लिक नीलामी में खरीदे गए वाहनों का ट्रांसफर-वाहन का पंजीकरण के फॉर्म में एक अतिरिक्त क्लॉज़ जोड़ने की व्यवस्था की जा सकती है. जिसके तहत नॉमिनी का नाम अगर कोई है तो ब्यौरा दिया जा सके और वाहन मालिक की मृत्यु के बाद उसे ट्रांसफर किया जा सके.
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एक नए उप नियम की व्यवस्था
एक नए उपनियम का प्रस्ताव है जिसके तहत अगर किसी वाहन के पंजीकरण में नॉमिनी का नाम दर्ज है तो गाड़ी का ट्रांसफर के लिए नॉमिनी को पोर्टल में वाहन मालिक का मृत्यु प्रमाण पत्र अपलोड करना होगा. ताकि रेजिस्टेरिंग अथॉरिटी को इसके लिए सूचना मिल जाये.
इसके बाद नॉमिनी नए आरसी के लिए आवेदन कर सकता है. अगर नॉमिनी के पास आधार नंबर है तो वह पोर्टल पर ही फेसलेस आवेदन कर सकता है. नॉमिनी को आधार ऑथेंटिकेशन के विकल्प को चुनना होगा. विशेष परिस्थितियों मसलन तलाक़, संपत्ति का बंटवारा,बिना बिक्री के संपत्तियों का ट्रांसफर में नॉमिनी के नाम मे बदलाव किया जा सकता है. इसके अलावा कोर्ट,ट्रिब्यूनल, डीएम या एसडीएम द्वारा जारी सर्टिफिकेट या आदेश भी आम जनता की सेवा के लिए बहाल रहेंगे. प्रस्तावित संशोधन में इन प्रावधानों का भी जिक्र होगा.