सुनील गावस्कर ने अपने बेटे रोहन के जन्म पर पैटरनिटी लीन को लेकर चुप्पी तोड़ी है.
इस दौरान सुनील गावस्कर (Sunil Gavaskar) को लेकर भी खबरें आईं कि उनके बेटे के जन्म के वक्त उन्होंने बीसीसीआई से छुट्टी के लिए पूछा था, लेकिन उन्हें छुट्टियां मिल नहीं पाई थीं. ऐसे में अब सुनील गावस्कर ने इस तरह की खबरों पर अपनी चुप्पी तोड़ी है.
- News18Hindi
- Last Updated:
November 29, 2020, 6:22 PM IST
लीजेंडरी बल्लेबाज सुनील गावस्कर 1975-76 में पैटरनिटी लीव की सुविधा नहीं मिल पाई थी. पूर्व क्रिकेटर अंशुमन गायकवाड़ ने डेली गार्डियन में लिखे कॉलम में लिखा था कि गावस्कर अपने बेटे को देखने के लिए भारत आना चाहते थे, क्योंकि भारत की अगली सीरीज दो सप्ताह के बाद वेस्टइंडीज में थी, लेकिन बीसीसीआई ने उन्हें इजाजत नहीं दी.
वनडे सीरीज गंवाने के बाद बोले विराट कोहली- ऑस्ट्रेलिया ने हमें चित कर दिया
अब सुनील गावस्कर ने इस तरह के बयानों से किनारा करते हुए मिड डे में अपने कॉलम में इस बात का खुलासा किया है कि उन्होंने बीसीसीआई से पैटरनिटी लीव की मांग नहीं की थी. गावस्कर ने अपने कालम में लिखा, ”उन्होंने पैटरनिटी लीव के लिए बीसीसीआई से कोई पूछा भी नहीं था. वह न्यूजीलैंड और वेस्टइंडीज के दौरे पर थे. उस समय गावस्कर के बेटे रोहन का जन्म हुआ था.”विराट कोहली को पैटरनिटी लीव दिए जाने पर उन्होंने कहा, ”उन्हें अपने जीवन के सबसे अहम पलों में घर आने के लिए छुट्टियां नहीं दी गई थीं.” गावस्कर ने लिखा, ”सबसे पहली बात, मैंने बीसीसीआई से इसके लिए नहीं पूछा था. जब मैं 1975-76 में न्यूजीलैंड और वेस्टइंडीज के दौरे पर गया तो मुझे पता था कि बच्चे का जन्म उस वक्त होगा, जब मैं बाहर रहूंगा. लेकिन मैं भारत के लिए खेलने के प्रति प्रतिबद्ध था. मेरी पत्नी ने इसका समर्थन किया था.”
IND VS AUS: वीरेंद्र सहवाग ने उड़ाया भारतीय गेंदबाजों का मजाक- कहा अगले मैच में 400 रन बनवाएंगे
न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे टेस्ट में सुनील गावस्कर चोटिल हो गए थे और उन्हें कुछ सप्ताह के आराम के लिए कहा गया था. तब गावस्कर ने मैनेजर लीजेंडरी पॉली उमरीगर से इस बारे में पूछा था. गावस्कर ने आगे लिखा है, ”डाक्टरों ने मुझे चार सप्ताह के आराम के लिए कहा था. अगला मैच वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन सप्ताह के भीतर था. मैंने उमरीगर से पूछा कि क्या मैं इस दौरान घर जा सकता हूं? मैं वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टेस्ट से पहले ही टीम से जुड़ जाऊंगा. मैं सिर्फ चोटिल होकर ही टेस्ट मिस कर सकता था. वास्तव में मैंने डाक्टरों की सलाह के बावजूद वेस्टइंडीज के खिलाफ पहला टेस्ट खेला.”