वी डी शर्मा ने इंदौर बीजेपी जिलाध्यक्ष राजेश सोनकर का मनाया सियासी जन्मदिन, घर जाकर काटा केक

वी डी शर्मा ने इंदौर बीजेपी जिलाध्यक्ष राजेश सोनकर का मनाया सियासी जन्मदिन, घर जाकर काटा केक


इंदौर महापौर का पद अनारक्षित है.

वीडी शर्मा ने कहा हालांकि ऐसा कोई नियम नहीं है कि विधायकों को टिकट न दिया जाए.लेकिन पार्टी एक व्यक्ति एक पद के फार्मूले पर अमल करने की कोशिश करेगी,जिससे विधायकों को टिकट न मिल पाए.

इंदौर. बीजेपी (BJP) ज़िलाध्यक्ष डॉ राजेश सोनकर का बुधवार 9 दिसंबर को जन्म दिन था. यूं तो सेलिब्रेशन सादगीपूर्ण था लेकिन प्रदेश अध्यक्ष वी डी शर्मा ने सोनकर के घर पहुंचकर इस उत्सव को खास बना दिया. जन्मदिन (BIRTHDAY) के मौके पर भी दोनों में सियासी गुफ्तगूं हुई, ज़ाहिर है मुद्दा नगर निगम में महापौर का चुनाव ही था.अटकलें लगने लगीं कि क्या बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सोनकर को महापौर का टिकट बर्थ डे गिफ्ट दे रहे हैं.

बंद कमरे में चर्चा
इंदौर में आज बीजेपी के जिलाध्यक्ष राजेश सोनकर का सियासी जन्मदिन मना.बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा शुभकामनाएं देने उनके घर पहुंच गए. केक काटकर सोनकर को खिलाया और जन्मदिन की शुभकामनाएं दी.इसके बाद वीडी शर्मा ने सोनकर से नगरीय निकाय चुनाव को लेकर गुप्त मंत्रणा की.,क्योंकि इंदौर में मेयर का पद अनारक्षित होने से बहुत सारे दावेदार सामने आ रहे है ऐसे में सभी की रायशुमारी जरूरी है इसीलिए जिलाध्यक्ष राजेश सोनकर से उन्होने बंद कमरे में मुलाकात कर मेयर प्रत्याशी के बारे में चर्चा की.

संगठन जो कहे…जिला अध्यक्ष राजेश सोनकर ने कहा संगठन ने पहले ही मुझे बड़ी जिम्मेदारी दे रखी है.संगठन जिसे भी जवाबदारी देगा,कमल खिलाने के लिए काम करेंगे.निकाय चुनाव में भाजपा 100 फीसदी सीटों पर जीतेगी. सोनकर के जन्मदिन पर रक्तदान शिविर भी लगाया गया

शर्मा के निशाने पर कमलनाथ-दिग्विजय
इंदौर में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा के निशाने पर पूर्व सीएम कमलनाथ और दिग्विजय सिंह ही रहे.उन्होंने कहा जिस तरह छिंदवाड़ा में महापौर का पद एसटी के लिए आरक्षित होने पर कांग्रेस ने आपत्ति दर्ज कराई है उससे कांग्रेस का दलित विरोधी चेहरा उजागर हो गया है.कमलनाथ छिंदवाड़ा को अपनी स्टेट टेरोटरी बनाना चाहते हैं. एसटी रिजर्वेशन का विरोध करने से न केवल कांग्रेस का अनुसूचित जनजाति विरोधी चेहरा उजागर हुआ बल्कि कमलनाथ का भी एसटी विरोधी चरित्र उजागर हो गया है.वहीं उन्होने दिग्विजय सिंह को भी नहीं छोड़ा. कहा दिग्विजय सिंह की क्रेडीबिलिटी खत्म हो गई . कमलनाथ को ठिकाने लगाने का काम दिग्विजय सिंह ने किया है और अब उनका लक्ष्य युवा चेहरों के नाम पर अपने पुत्र को कमान दिलाने का है. उस काम में वो लगे हुए हैं.

विधायकों को ना
उधर विधायकों को मेयर का टिकट न देने की बात को दोहराते हुए वीडी शर्मा ने कहा हालांकि ऐसा कोई नियम नहीं है कि विधायकों को टिकट न दिया जाए.लेकिन पार्टी एक व्यक्ति एक पद के फार्मूले पर अमल करने की कोशिश करेगी,जिससे विधायकों को टिकट न मिल पाए.





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