संशोधित रेत खनन नीति: कमलनाथ सरकार का फैसला पलटा, अनुमतियां जारी होने के बाद काम शुरू नहीं किया तो सुरक्षा राशि होगी राजसात

संशोधित रेत खनन नीति: कमलनाथ सरकार का फैसला पलटा, अनुमतियां जारी होने के बाद काम शुरू नहीं किया तो सुरक्षा राशि होगी राजसात


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भाेपाल12 मिनट पहले

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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में मंत्रालय में कैबिनेट की बैठक हुई। जिसमें 18 प्रस्तावों पर चर्चा के बाद स्वीकृति दी गई।

  • शिवराज कैबिनेट में 18 प्रस्तावों को मिली मंजूरी
  • डायल-100 की सेवा अनुबंध में 6 माह की वृद्धि

कमलनाथ सरकार का एक और फैसला शिवराज सरकार ने पलट दिया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में रेत खनन नीति में संशोधन मंजूरी दे दी गई है। अब ठेकेदार ने अनुमतियां जारी होने के बाद काम शुरू नहीं किया तो सुरक्षा राशि सरकार राजसात कर लेगी। नए नियम के तहत खदानों से रेत निकालने की अवधि की गणना ठेका आदेश जारी होने की तारीख से की जाएगी। जबकि कमलनाथ सरकार ने इसे विभाग-ठेकेदार के बीच होने वाले एग्रीमेंट की तारीख से खदानों से रेत निकालने की अनुमति दी थी। संशोधित नियम के मुताबिक ठेके की अनुमतियां जारी होने के बाद काम नहीं शुरू किया गया तो सुरक्षा राशि राजसात कर ली जाएगी। कैबिनेट बैठक में 18 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। डायल-100 की सेवा अनुबंध में 6 माह 1 अक्टूबर 2020 से 31 मार्च 2021 तक की वृद्धि की गई है।

रेत स्टॉक के लिए 5 किमी का एरिया प्रतिबंधित
रेत स्टॉक के लिए नदी से 5 किलोमीटर का एरिया प्रतिबंधित कर दिया गया है। नए नियम के मुताबिक ठेकेदार 5 किमी की सीमा से बाहर और 8 किमी तक रेत का स्टॉक कर सकेगा। इसी तरह जिन जिलों में समूह की खदानें रिक्त हैं, वहां सरकारी विभाग को रेत खनन का लाइसेंस देने का निर्णय भी लिया गया है।
5 लाख से अधिक की बकाया राशि पर 18% ब्याज पर छूट
खनिज राजस्व की बकाया राशि वसूलने के लिए सरकार ने कुछ राहत दे दी है। जिसके मुताबिक 5 लाख रुपए से अधिक की बकाया राशि पर 18% ब्याज की छूट देने का निर्णय लिया गया है। योजना 31 जनवरी 2021 तक ही लागू रहेगी। छूट के बाद मूल बकाया राशि 43 करोड़ 81 लाख रुपए के विरुद्ध ब्याज सहित 45 करोड़ 14 लाख की वसूली सुनिश्चित हो सकेंगी।
ये निर्णय भी हुए

  • जनसंपर्क विभाग के अंतर्गत 375 अस्थाई पदों को 1 मार्च 2020 से 28 फरवरी 2021 तक निरंतर रखा जाएगा।
  • जन अभियान परिषद के महानिदेशक को शासी निकाय का सदस्य सचिव एवं कार्यकारिणी सभा के सभापति के रूप में नामांकित करने का निर्णय लिया। निदेशक प्रशासन के पद को समर्पित करने एवं कार्यपालक निदेशक के पद की अर्हताओं में आंशिक संशोधन किया गया।
  • मध्य प्रदेश सिविल न्यायालय संशोधन विधेयक 2020 के ड्राफ्ट पर मंजूरी दी गई है। यह विधेयक शीतकालीन सत्र में विधानसभा में पेश किया जाएगा।
  • विधि एवं विधायी विभाग ने अतिरिक्त सचिव के पद पर सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अभय कुमार को संविदा नियुक्ति का प्रस्ताव स्वीकृत किया गया है।



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