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- Rising Main Line Of Ramnagara Plant Could Have Burst, Water Supply Started In The Evening Due To Airlock, There Will Be Plenty Of Water In The Morning
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जबलपुर17 घंटे पहले
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- सुबह 10 बजे टेस्टिंग शुरू हुई तो एयरलॉक के कारण परेशानी हुई, एयर निकाली गई तब शाम 4 बजे से टंकियों को भरा जाने लगा
रमनगरा की राईजिंग मेन लाइन में वॉल्व लगाने का कार्य आखिरकार पूरा हुआ और शाम 4 बजे के बाद से टंकियों को भरने का कार्य भी शुरू हो गया। इससे अब शनिवार की सुबह से जलापूर्ति सुचारु हो जाएगी। हालाँकि शुक्रवार की शाम से ही पानी मिलने का वादा किया गया था, लेकिन सुबह जब लाइन की टेस्टिंग की गई तो पता चला कि लाइन में हवा कुछ ज्यादा ही भर गई है, जिससे एयरलॉक की नौबत आ गई है और यदि एयर को निकाला नहीं जाता तो लाइन कहीं से भी फट जाती।
अधिकारियों ने स्थिति को सँभाला और 3 वॉल्व से एयर निकाली गई, तब जाकर काम पूरा हुआ और शाम 4 बजे से टंकियों को भरना शुरू किया। नगर निगम के कार्यपालन यंत्री कमलेश श्रीवास्तव ने बताया कि गुरुवार की रात करीब 12 बजे वॉल्व की वेल्डिंग का कार्य पूरा हुआ था और सुबह 10 बजे टेस्टिंग शुरू की गई। कुछ देर बाद ही यह पता चल गया कि लाइन में एयरलॉक की नौबत है और यदि टेस्टिंग बंद न की जाती तो लाइन फटने का डर था, इसलिए तत्काल प्लांट को बंद कराया गया और अलग-अलग स्थानों पर लगाए गए 3 वॉल्वों से एयर निकाली गई। इसके बाद शाम को फिर से फिल्टर प्लांट को चालू किया गया तब जलापूर्ति शुरू हुई। इससे टंकियों को भरा जाने लगा और अब शनिवार की सुबह से सभी टंकियों से लोगों को पानी मिलने लगेगा।
शहर की एक दर्जन से अिधक टंकियों से चार दिन नहीं हो पाई जलापूर्ति
रमनगरा जलशोधन संयंत्र से भरी जाने वाली टंकियाें में बिडला धर्मशाला, मेडिकल, गुलौआ, रामेश्वरम, मदर टेरेसा, मनमोहन नगर, सर्वोदय नगर, राइट टाउन, लक्ष्मीपुर, आनंद नगर, कोतवाली लेमा गार्डन, गोहलपुर, टिकुरी टोला, त्रिपुरी, मोतीनाला, मिल्क स्कीम एवं किलकारी गार्डन शामिल हैं, मंगलवार की शाम से शुक्रवार की शाम यानी पूरा करीब एक सप्ताह ही लोगों को बिना पानी के गुजारना पड़ गया।
इस वजह से हुआ भारी जलसंकट
नर्मदा जल प्रदाय योजना के तहत 120 एमएलडी रमनगरा जल शोधन संयंत्र के लिए डाली जा रही वैकल्पिक समानांतर 1 हजार एमएम व्यास डीआई लाइन को जाेड़ने के कार्य के अंतर्गत पुरानी 13 सौ एमएम व्यास की जीआरपी लाइन में 12 सौ एमएम व्यास के बटरफ्लाई वाल्व को लगाने का कार्य तथा प्लांट के क्लीयर वॉटरसम्प में लीकेज सुधार का कार्य किया जाना था जिसके लिए मंगलवार की सुबह से ही प्लांट को बंद किया गया था। इससे मंगलवार को सायंकालीन तथा 16 एवं 17 दिसम्बर को दोनों समय पानी नहीं मिलना था, शुक्रवार की सुबह से जलापूर्ति बहाल होनी थी, लेकिन इस दिन भी पानी नहीं मिल पाया।